समाज के 116 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों व 8 बुजुर्गों का सम्मान
पुष्करणा दिवस समारोह
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),समाज के 116 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों व 8 बुजुर्गों का सम्मान। अखिल भारतीय पुष्टिकर सेवा परिषद,जोधपुर शाखा की ओर से माँ उष्ट्रवाहिनी के प्राकट्य दिवस पुष्करणा दिवस समारोह का आयोजन महिला पीजी महा विद्यालय प्रताप नगर में गुरुवार शाम साढ़े छह बजे किया गया।
समारोह भारत पेट्रोलियम के सेवानिवृत्त निदेशक कृष्णकांत जोशी के मुख्य आतिथ्य में वरिष्ठ नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ.रतन पुरोहित की अध्यक्षता एवं वरिष्ठ न्यूरोसर्जन डॉ.शैलेश थानवी तथा अतिरिक्त उप पंजीयक सहकारी समितियां प्रशांत कल्ला के विशिष्ट आतिथ्य में आयोजित हुआ।
समारोह के मुख्य आयोजक एवं परिषद के शाखा महामंत्री अमरचन्द पुरोहित ने परिषद का परिचय देते हुए बताया कि परिषद द्वारा पिछले 40 वर्षों से पुष्करणा ब्राह्मणों की कुलदेवी माँ उष्ट्रवाहिनी के प्राकट्योत्सव पुष्करणा दिवस पर समाज के प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को न्याति मेधा एवं विभिन्न पुष्करणा बाहुल्य मोहल्ला क्षेत्रों के बुजुर्गों को न्याति वट सम्मान से सम्मानित किया जाता है।
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इस अवसर पर समाज के शांति प्रसाद व्यास लादूराम पुरोहित, शान्तिप्रसाद हर्ष, शिवकुमार बोहरा,डॉ. रामकृष्ण व्यास, वल्लभकाश पुरोहित, महेश कल्ला एवं ओमप्रकाश व्यास को न्याति वट सम्मान से सम्मानित किया गया।
उन्होंने बताया कि इस वर्ष 116 प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया तथा परिषद के महिला प्रकोष्ठ में वर्षपर्यन्त सराहनीय कार्यों व गतिविधियों के सफल आयोजन में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए अरुणा पुरोहित, मालती कल्ला,डॉ.मंजुला व्यास एवं गायत्री आचार्य को सम्मानित किया गया।
समारोह के मुख्य अतिथि कृष्णकांत जोशी ने कहा कि प्रतिभाओं को समय- समय पर प्रोत्साहित करते रहना चाहिए। सम्मानित करने से उनका मनोबल बढ़ता है और वे अपने लक्ष्य प्राप्ति में दुगनी गति से जुट जाते हैं।
विशिष्ट अतिथि प्रशांत कल्ला ने कहा कि समाज एक दूसरे की मदद से ही आगे बढ़ता है।विद्यार्थियों को अपनी कमियों में सुधार कर निरंतर गतिशील रहना चाहिए। हम सभी समाज के ऋणी हैं और हमें एक-दूसरे की मदद करके समाज के ऋण को उतारना है।
विशिष्ट अतिथि डॉ.शैलेश थानवी ने कहा कि विद्यार्थियों को लक्ष्य प्राप्ति के लिए समयबद्ध एवं अनुशासित तरीके से जुट जाना चाहिए एवं असफलता मिलने पर निराश नहीं होना चाहिए।
समारोह अध्यक्ष डॉ. रतन पुरोहित ने कहा कि मेहनत का कोई विकल्प नहीं होता। विद्यार्थियों को निरंतरता के साथ लक्ष्य प्राप्ति में जुट जाना चाहिए। मेहनत के साथ- साथ अपने गुरुओं का सम्मान भी अति आवश्यक है,क्योंकि वे ही हमारी कमियों को दूर करने वाले मार्गदर्शक होते हैं।
समारोह में महिला शिक्षा को समाज की सबसे बड़ी जरूरत बताया गया। कहा गया कि यदि एक महिला शिक्षित होगी तो पूरे परिवार को शिक्षित कर देगी। संचालन भानू पुरोहित ने किया।
