स्वतंत्रता दिवस पर आयुष शोध और नवाचार को नई दिशा देने का आह्वान
आयुर्वेद विश्वविद्यालय में 80वां स्वतंत्रता दिवस हर्षोल्लास से मनाया
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),स्वतंत्रता दिवस पर आयुष शोध व नवाचार को नई दिशा देने का आह्वान। डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय,जोधपुर में 80वां स्वतंत्रता दिवस समारोह हर्षोल्लास,गरिमा एवं राष्ट्र भावना के साथ मनाया गया।
मारवाड़ चिकित्सा विश्वविद्यालय में किया ध्वजारोहण
विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो.वैद्य गोविंद सहाय शुक्ल ने ध्वजारोहण कर राष्ट्रध्वज को सलामी दी। समारोह में वित्त नियंत्रक, आयुर्वेद संकाय के अधिष्ठाता,समस्त प्राचार्यगण, शिक्षक,चिकित्सक, अधिकारी,कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित थे।
प्रो.शुक्ल ने स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए कहा कि स्वतंत्रता केवल अधिकार नहीं, बल्कि राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का बोध भी है।
आयुष योजनाओं पर बल
केंद्र एवं राज्य की आयुष योजनाओं की सफलता हेतु संस्थानों से निकलने वाले विद्यार्थियों का competent healthcare professionals बनना आवश्यक है।
शिक्षा-शोध-चिकित्सा में गुणवत्ता
विश्वविद्यालय में Quality Education, Quality Research और Quality Healthcare को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। आयुर्वेद को वैश्विक स्तर पर प्रतिष्ठित करने हेतु पारंपरिक ज्ञान को आधुनिक वैज्ञानिक शोध एवं नवाचार से जोड़ने पर जोर।
उत्कृष्टता केंद्र
आयुर्वेद,होम्योपैथी तथा योग एवं नेचरोपैथी महाविद्यालयों को उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में विकसित करने का आह्वान।
स्वच्छता का संस्कार- स्वच्छता को जीवन का संस्कार बनाने, पर्यावरण,जल एवं ऊर्जा संरक्षण को दैनिक व्यवहार का हिस्सा बनाने का संदेश।
नवाचार एवं राष्ट्रसेवा- विद्यार्थियों से job creators और innovators बनने का आह्वान। राष्ट्रवाद राष्ट्रसेवा से है-अपने कार्य को ईमानदारी से करना ही राष्ट्रसेवा है।
सांस्कृतिक कार्यक्रम एवं सम्मान
विद्यार्थियों द्वारा देशभक्ति गीत,संगीत व सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गईं। समारोह में विशिष्ट सेवा सम्मान से अधिकारियों-कर्मचारियों को तथा अधिकतम उपस्थिति, अनुशासन एवं उत्कृष्ट आचरण हेतु चयनित विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। पूर्व में आयोजित रक्तदान शिविर के रक्तदाताओं को भी प्रमाणपत्र देकर सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम का समापन ज्ञान को शक्ति,शक्ति को सेवा और सेवा को राष्ट्र निर्माण में परिवर्तित करने के संकल्प के साथ हुआ। अंत में राष्ट्रगान एवं भारत माता की जय,वंदे मातरम्,जय हिंद के उद्घोष किए गए।
