राजेन्द्र भवन में गुरु पूजन श्रद्धा व भक्तिभाव के साथ संपन्न
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),राजेन्द्र भवन में गुरु पूजन श्रद्धा व भक्तिभाव के साथ संपन्न। खेरादियों का बास स्थित राजेन्द्र भवन में विराजित साध्वीवर्या रत्नरेखा,अनुपदृष्टा एवं कल्पदर्शिता की पावन निश्रा में आयोजित चातुर्मास प्रवचनमाला के अंतर्गत साध्वी रत्नरेखा ने कहा कि नम्रता के बिना ज्ञान,तप,संयम और साधना भी पूर्ण फल प्रदान नहीं कर सकते।
धर्म का वास्तविक स्वरूप तभी प्रकट होता है,जब जीवन में विनम्रता, सहनशीलता और आत्मसमर्पण का भाव हो।
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उन्होंने कहा कि नम्रता मनुष्य के व्यक्तित्व का सर्वोत्तम आभूषण है,जो उसे समाज में सम्मान, आत्मिक शांति और आध्यात्मिक उन्नति प्रदान करता है। आज समाज ज्ञान के अभाव से अधिक व्यवहार के संकट से गुजर रहा है। परिवारों में संस्कारों का घटना और समाज में बढ़ती कटुता का मूल कारण विनम्रता का अभाव है।
यदि प्रत्येक व्यक्ति अपने जीवन में नम्रता,मधुर व्यवहार और सहन शीलता को अपनाए,तो परिवार और समाज में प्रेम,शांति तथा सद्भाव का वातावरण स्वत: निर्मित हो जाएगा। प्रवचन के पश्चात गुरुदेव का पूजन श्रद्धा एवं भक्ति के साथ संपन्न हुआ।
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