सेवा सच्चे राष्ट्रनिर्माण का आधार: हनुमंता राव
- मनुष्य की सेवा ही ईश्वर की सेवा
- स्वामी विवेकानन्द के संदेश को व्यवहार में उतार रही संस्था
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),सेवा सच्चे राष्ट्रनिर्माण का आधार: हनुमंता राव। विवेकानन्द केन्द्र के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष हनुमंता राव ने कहा कि भारत की संस्कृति सेवा,संवेदना और समर्पण की संस्कृति है। सेवा केवल सामाजिक दायित्व नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम है।
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राव सोमवार को केयरगिवर्स आशा सोसायटी द्वारा संचालित एकमेरी आशा केयर स्किल इंस्टीट्यूट में आयोजित विशेष कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे।
कौशल,करुणा और संस्कार का समन्वय जरूरी:-
राव ने कहा कि आने वाले समय में प्रशिक्षित केयरगिवर्स की मांग लगातार बढ़ेगी। इसलिए इस क्षेत्र में कौशल, करुणा और संस्कार- तीनों का समन्वय आवश्यक है।
उन्होंने स्वामी विवेकानन्द के कथन मनुष्य की सेवा ही ईश्वर की सेवा है को उद्धृत करते हुए कहा कि यदि हम इसी भावना से सेवा करें तो यही जीवन की सबसे बड़ी आध्यात्मिक साधना होगी। उन्होंने प्रशिक्षित एवं संवेदनशील केयरगिवर्स की भूमिका को आज के समय में अत्यंत महत्वपूर्ण बताया।
राव ने संस्था द्वारा संचालित प्रशिक्षण कार्यक्रमों की सराहना करते हुए कहा कि यह संस्था स्वामी विवेकानन्द के सेवा-दर्शन को व्यवहार में उतारने का प्रेरक कार्य कर रही है।
शिक्षा का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे: कुलगुरु
कार्यक्रम में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो.पीके शर्मा ने कहा कि वर्तमान में वृद्धजन आबादी बढ़ रही है,ऐसे में गुणवत्तापूर्ण देखभाल के लिए प्रशिक्षित मानव संसाधन की आवश्यकता पहले से अधिक है। उन्होंने कहा कि केयरगिवर्स आशा सोसायटी के प्रशिक्षण कार्यक्रम समाज की एक महत्वपूर्ण आवश्यकता की पूर्ति कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय ऐसे जनोपयोगी एवं कौशल-आधारित कार्यक्रमों को सदैव प्रोत्साहित करेगा। शिक्षा तभी सार्थक है जब उसका प्रत्यक्ष लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे।
कार्यक्रम के प्रारम्भ में सोसायटी अध्यक्ष डॉ. अरविन्द माथुर ने अतिथियों का स्वागत करते हुए संस्था की स्थापना,उद्देश्यों तथा केयरगिविंग प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी दी। इस अवसर पर राव ने उपस्थित कार्यकर्ताओं और सदस्यों से संवाद कर उनके प्रश्नों के उत्तर दिए और सेवा-कार्य में समर्पण,अनुशासन और निरंतर सीखने का संदेश दिया।
कार्यक्रम में शिक्षाविदों,चिकित्सकों,सामाजिक कार्यकर्ताओं,प्रशिक्षकों, प्रशिक्षुओं तथा विभिन्न संस्थाओं के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। संचालन सोसायटी सचिव डॉ. प्रियदर्शी पाटनी ने किया।
