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लेक्चरर कृषि भर्ती में 40 प्रतिशत क्वालिफाइंग अंक की शर्त को हाईकोर्ट में चुनौती

-आरपीएससी और सरकार से जवाब तलब

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),लेक्चरर कृषि भर्ती में 40 प्रतिशत क्वालिफाइंग अंक की शर्त को हाईकोर्ट में चुनौती। राजस्थान लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित लेक्चरर स्कूल शिक्षा (कृषि) भर्ती परीक्षा में प्रत्येक प्रश्नपत्र में अलग- अलग 40 प्रतिशत अंक अनिवार्य करने की शर्त को राजस्थान हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश डॉ नूपुर भाटी ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के सचिव और राज्य सरकार को नोटिस जारी कर एक सप्ताह में जवाब मांगा है।

याचिकाकर्ता रविंद्र सिंह ने अधिवक्ता बीएल स्वामी के माध्यम से रिट याचिका दायर की। याचिका में बताया गया कि याचिकाकर्ता ने एमएससी एग्रीकल्चर प्रथम श्रेणी में 73 प्रतिशत अंकों के साथ तथा बीएड प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की है।

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आरपीएससी ने लेक्चरर स्कूल शिक्षा (कृषि) के 500 पदों पर भर्ती के लिए 28 अगस्त 2025 को विज्ञापन जारी किया था। भर्ती परीक्षा में सामान्य ज्ञान और कृषि विषय के दो प्रश्नपत्र रखे गए हैं। विज्ञापन में दोनों प्रश्नपत्रों में अलग-अलग न्यूनतम 40 प्रतिशत अंक प्राप्त करना अनिवार्य किया गया है। याचिका में कहा गया कि वर्ष 2018 की भर्ती में ऐसी शर्त नहीं थी। वहीं वर्ष 2022 और 2023 की भर्तियों में भी बड़ी संख्या में पद रिक्त रह गए थे।

अनुच्छेद 14 का हुआ जिक्र:-
याचिकाकर्ता का कहना है कि सामान्य ज्ञान के प्रश्नपत्र का स्तर यूपीएससी और आरएएस जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं के अनुरूप रखा गया है,जबकि कृषि विषय के अभ्यर्थियों का मुख्य उद्देश्य स्कूलों में कृषि विषय पढ़ाना है। अधिवक्ता बीएल स्वामी ने कोर्ट को बताया कि दोनों प्रश्नपत्रों में अलग- अलग 40 प्रतिशत अंक अनिवार्य करना संविधान के अनुच्छेद 14 में निहित समानता के अधिकार के विपरीत है।

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इससे कृषि विषय में मेधावी अभ्यर्थी केवल सामान्य ज्ञान में निर्धारित कटऑफ हासिल नहीं कर पाने के कारण चयन से बाहर हो सकते हैं। इससे बड़ी संख्या में पद खाली रहने की आशंका भी है। याचिका में इस शर्त को असंगत,अनुचित और राज्य की रोजगार नीति के विपरीत बताते हुए इसे निरस्त करने की मांग की गई है।परीक्षा का परिणाम अभी जारी होना बाकी है।