ICMR-माइंड्स को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार
- मानसिक स्वास्थ्य में AI आधारित नवाचार के लिए मिला सम्मान
- केंद्रीय मंत्री डॉ.जितेंद्र सिंह ने जयपुर में दिया अवॉर्ड
- 7 राज्यों में फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों को सशक्त बना रहा डिजिटल प्लेटफॉर्म
जयपुर(दूरदृष्टीन्यूज),ICMR-माइंड्स को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार। भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आईसीएमआर)की प्रमुख पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य अनुसंधान प्राथमिकता परियोजना आईसीएमआर-माइंड्स को राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस पुरस्कार 2026 में श्रेणी-2: नागरिक-केंद्रित सेवाएं प्रदान करने के लिए एआई और नई तकनीकों के उपयोग द्वारा नवाचार के अंतर्गत स्वर्ण पुरस्कार से सम्मानित किया गया है।
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केंद्रीय मंत्री ने दिया पुरस्कार
यह पुरस्कार केंद्रीय कार्मिक, लोक शिकायत एवं पेंशन राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने 1-2 जुलाई, 2026 को जयपुर में आयोजित 29वें राष्ट्रीय ई-गवर्नेंस सम्मेलन (NCEG) 2026 के दौरान प्रदान किया। इस अवसर पर राजस्थान सरकार के सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार मंत्री कर्नल राजवर्धन राठौर, राजस्थान के मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और डीएआरपीजी एवं पेंशन विभाग की सचिव निवेदिता शुक्ला वर्मा भी उपस्थित रहे।
क्या है ICMR-माइंड्स?
आईसीएमआर-माइंड्स एक कार्यान्वयन अनुसंधान अध्ययन है जो मानसिक और मादक पदार्थों के सेवन संबंधी विकारों की जांच और प्रबंधन को अन्य गैर-संक्रामक रोगों के साथ एकीकृत करता है। इसका क्लिनिकल डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (CDSS) मानकीकृत मानसिक स्वास्थ्य जांच, मूल्यांकन,अनुवर्ती कार्रवाई और प्रबंधन के कार्यों को विशेषज्ञों से प्रशिक्षित गैर- विशेषज्ञ फ्रंटलाइन स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं को सौंपने में सक्षम बनाता है।
प्लेटफॉर्म की खासियत
1.मानकीकृत डिजिटल जांच और मूल्यांकन कार्यप्रवाह
2.भूमिका-आधारित नैदानिक मार्गदर्शन और ऑफलाइन कार्यक्षमता
3.बहुभाषी इंटरफेस और गेमिफाइड सुविधाएं
4.रीयल-टाइम प्रशासनिक डैशबोर्ड से सेवा वितरण की निगरानी
5.संरचित रेफरल और बैक-रेफरल से निरंतर देखभाल ढांचा
इससे स्थिर रोगी अपने निकटतम स्वास्थ्य केंद्र में अनुवर्ती देखभाल प्राप्त कर सकते हैं जबकि विशेषज्ञ जटिल मामलों पर ध्यान केंद्रित करते हैं। इससे तृतीयक देखभाल केंद्रों पर बोझ कम होता है और इलाज छोड़ने की दर घटती है।
7 राज्यों में चल रही पहल
यह पहल 7 राज्यों में 7 सहयोगी संस्थानों-एम्स गुवाहाटी (असम),जीआई एमएच अहमदाबाद (गुजरात),एम्स नई दिल्ली (हरियाणा),सेंट जॉन मेडिकल कॉलेज बेंगलुरु (कर्नाटक),एम्स भोपाल (मध्य प्रदेश),एम्स भुवनेश्वर (ओडिशा) और पीजीआई एमईआर चंडीगढ़ (पंजाब) के माध्यम से कार्यान्वित की जा रही है।
किफायती,मानकीकृत स्वास्थ्य सेवा के लिए प्रतिबद्ध
DG ICMR स्वास्थ्य अनुसंधान विभाग के सचिव और आईसीएमआर के महानिदेशक डॉ.राजीव बहल ने कहा, आईसीएम आर जटिल जन स्वास्थ्य चुनौतियों के समाधान के लिए डेटा- आधारित, स्केलेबल प्रौद्योगिकी उपायों में अग्रणी भूमिका निभाता रहेगा। हम भारत के लोगों के लिए किफायती,मानकीकृत और उच्च गुणवत्ता वाले स्वास्थ्य सेवा प्लेटफॉर्म प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।
आईसीएमआर-माइंड्स की सफलता असम, गुजरात, हरियाणा,कर्नाटक,मध्य प्रदेश,ओडिशा और पंजाब के राज्य स्वास्थ्य विभागों,राज्य मानसिक स्वास्थ्य और गैर-संचारी रोग कार्यक्रम टीमों,जिला स्वास्थ्य अधिकारियों और फील्ड टीमों के सहयोग से संभव हुई है।
