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एंबुलेंसकर्मियों की हड़ताल लोडिंग टैक्सी में ले गए शव

मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में परेशान हुए परिजन

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),एंबुलेंसकर्मियों की हड़ताल लोडिंग टैक्सी में ले गए शव। मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में एंबुलेंस संचालक हड़ताल पर चले गए। इस दौरान एंबुलेंस कर्मियों ने बाहर से किसी एंबुलेंस को हॉस्पिटल में नहीं आने दिया। ऐसे में एक बुजुर्ग महिला का शव दो घंटे तक ट्रॉमा में रखा रहा। बाद में किराए पर लोडिंग टैक्सी लाकर शव ले जाया गया।

भागीरथ ने बताया कि वह पीपाड़ सिटी के रहने वाले हैं। उसकी मां लीला (66) की सोमवार रात को अचानक तबीयत बिगड़ गई। बीपी की शिकायत होने के साथ ही उल्टी होने लगी। इस पर रात करीब 12 बजे हम मां को मथुरादास माथुर हॉस्पिटल लेकर पहुंचे। यहां उन्हें ट्रॉमा इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। सुबह करीब 7.30 बजे मां की मौत हो गई। इसके बाद जब मैं एंबुलेंस लेने गया तो हड़ताल कर रहे एंबुलेंस कर्मियों ने मना कर दिया।

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बेटे ने आरोप लगाया कि बाहर से दूसरी एंबुलेंस भी मुझे नहीं लाने दी। इसके लिए उन्होंने बार-बार रिक्वेस्ट भी की,लेकिन नहीं माने। आखिर मैं हॉस्पिटल के बाहर से तीन हजार रुपए किराए पर लोडिंग टैक्सी लेकर आए और शव को उसमें रखकर पीपाड़ सिटी के लिए रवाना हुए।

एंबुलेंसकर्मी बोले नर्सिंगकर्मी करते हैं मनमर्जी
एंबुलेंसकर्मियों का आरोप है कि हॉस्पिटल के नर्सिंग कर्मियों की वजह से हमें किराया नहीं मिलता। वे दूसरी एंबुलेंसकर्मियों से मिलीभगत कर कम किराए में मरीजों को एंबुलेंस उपलब्ध करवा देते हैं। हमारी मांग है कि हॉस्पिटल के बाहर खड़ी एंबुलेंस को एमडीएम हॉस्पिटल परिसर में जगह दी जाए। इसी मांग को लेकर हम हड़ताल पर चले गए और दूसरी एंबुलेंस को हॉस्पिटल में नहीं आने दिया।