अगली तकनीकी लहर क्वांटम से-वैष्णव
एमएनआईटी जयपुर में बनेंगी क्वांटम और एआई लैब
जयपुर(दूरदृष्टीन्यूज),अगली तकनीकी लहर क्वांटम से-वैष्णव। केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को एमएनआईटी जयपुर में एडवांस क्वांटम कंप्यूटिंग,क्वांटम कम्युनिकेशन और एआई लैब स्थापित करने की घोषणा की। ये लैब इलेक्ट्रॉनिकी मंत्रालय की इलेक्ट्रॉनिकी और आईसीटी अकादमिक परियोजना के तहत बनेंगी।
वैष्णव ने कहा कि एआई के बाद अगली बड़ी तकनीकी लहर क्वांटम की होगी। लैब में क्वांटम डिस्ट्रीब्यूशन,कंप्यूटिंग सिमुलेशन और सेंसिंग हार्डवेयर पर स्वदेशी क्षमता विकसित होगी। क्वांटम डिस्ट्रीब्यूशन का काम राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए अहम है। एमएनआईटी को पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी में नेतृत्व करने को कहा।
छात्रों को लैम रिसर्च के सेमीवर्स प्लेटफॉर्म पर ट्रेनिंग मिलेगी। यह डिजिटल ट्विन आधारित सेमीकंडक्टर निर्माण सिस्टम है। छात्र 3 डी में चिप संरचना देख सकेंगे, निर्माण प्रक्रिया समझेंगे और वर्चुअल माहौल में अनुकरण करेंगे।
उन्होंने कहा कि इंडस्ट्री को 10 लाख+ सेमीकंडक्टर डिजाइन वर्कफोर्स चाहिए। भारत इसे पूरा कर सकता है। एनवीडिया,क्वालकॉम, एआरएम,एएमडी भारत में 2-3 नैनोमीटर के एडवांस चिप डिजाइन कर रही हैं। सी2एस कार्यक्रम के तहत 323 यूनिवर्सिटी को सिनॉप्सिस,कैडेंस,रेनेसास के EDA टूल्स मिले हैं। छात्रों के 100+ चिप डिजाइन मोहाली सेमीकंडक्टर लैब में बने।
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एआई लैब में उन्नत कंप्यूटिंग और टूल्स होंगे। इसे इंडियाएआई मिशन नेटवर्क से जोड़ा जाएगा। वैष्णव ने आईआईटी जोधपुर की डीपफेक डिटेक्शन तकनीक का जिक्र किया।
मंत्री ने ऊर्जा राज्यमंत्री हीरालाल नागर और विधायक गोपाल शर्मा के साथ मेकर्स लैब का उद्घाटन भी किया। इसमें सेंसर,एम्बेडेड सिस्टम, इलेक्ट्रॉनिक प्रणाली पर प्रायोगिक प्रशिक्षण मिलेगा।
इससे पहले वैष्णव ने एमएनआईटी के छात्रों- शिक्षकों से संवाद किया। छात्रों ने एआई,रोबोटिक्स, ड्रोन,पोस्ट-क्वांटम क्रिप्टोग्राफी पर प्रोजेक्ट दिखाए।
