बेंगलुरु में हुई पहली वैश्विक सिमुलेशन कॉन्फ्रेंस SIMGLOBE 2026
- भारत ने रचा इतिहास
- 16 देशों के विशेषज्ञ जुटे
बेंगलुरु/जोधपुर, (दूरदृष्टीन्यूज),स्वास्थ्य शिक्षा और सिमुलेशन विज्ञान में भारत ने वैश्विक मंच पर नया मानक स्थापित किया। इंडियन एसोसिएशन ऑफ स्किल एंड सिमुलेशन इन हेल्थकेयर (IASSH) ने BMCRI बेंगलुरु में देश की पहली अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस SIMGLOBE 2026 आयोजित की। PASSH, BISSH,RGUHS,WFSA, VAST,NAMS, JeevRaksha,BOS, SSB समेत कई राष्ट्रीय- अंतरराष्ट्रीय संस्थाओं ने सहयोग दिया।
16+ देशों के अंतरराष्ट्रीय फैकल्टी और 150+ राष्ट्रीय विशेषज्ञ जुटे। मुख्य सम्मेलन में 350 प्रतिनिधि, अंडरग्रेजुएट ट्रैक में 250 प्रतिभागी शामिल। सिमुलेशन-आधारित शिक्षा,AI,इंटरप्रोफेशनल सहयोग और वैश्विक साझेदारी पर मंथन हुआ।
आयोजन अध्यक्ष और IASSH अध्यक्ष डॉ.नवीन पालीवाल बोले SIMGLOBE 2026 ने दुनिया को एक मंच पर जोड़ा। यह बहु-विषयक, बहु-पेशेवर सहयोग का उदाहरण है। भारतीय सिमुलेशन विज्ञान अब वैश्विक स्तर पर है।
आयोजन सचिव डॉ. संध्या के ने बताया 7 प्री-कॉन्फ्रेंस फैकल्टी वर्कशॉप,10 पोस्ट-कॉन्फ्रेंस स्किल ट्रेनिंग और 20 अंडरग्रेजुएट स्किल मॉड्यूल हुए। IASSH सचिव डॉ.पूजा बिहानी ने कहा मई 2025 में बनी IASSH ने पहले साल में Empower-SIM, FSBME और SIMGLOBE 2026 जैसी तीन बड़ी पहलें कीं।
12 जून से हर ग्राम पंचायत में लगेंगे ग्रामीण सेवा शिविर
IASSH,BISSH और PASSH की रणनीतिक बैठक में फैसला
जर्नल ऑफ हेल्थकेयर सिमुलेशन (JOSH) अब IASSH का आधिकारिक जर्नल होगा। हर दो साल में SIMGLOBE का आयोजन,फैकल्टी एक्सचेंज और बहु-केंद्रित अनुसंधान को बढ़ावा मिलेगा।
“Simulation Unlocked Second Edition” पुस्तक का विमोचन हुआ। संपादक: डॉ.नवीन पालीवाल और डॉ.पूजा बिहानी।
RGUHS कुलपति डॉ. भगवन बीसी ने इसे स्वास्थ्य शिक्षा में नवाचार का दूरदर्शी प्रयास बताया। श्रीशंकरा कैंसर फाउंडेशन के निदेशक डॉ.श्रीनाथ बीएस और ANBAI अध्यक्ष डॉ.छाबड़ा एचएस ने सिमुलेशन को रोगी सुरक्षा के लिए अहम बताया।
आगे की योजना
जुलाई 2026 में ISCCM के साथ FSBME सहयोग, BMCRI में कर्नाटक सरकार के लिए Empower-SIM कार्यक्रम और देशभर में प्रमाणित सिमुलेशन वर्कशॉप होंगी।
“वन वर्ल्ड,वन विजन,वन सिमुलेशन”थीम पर हुए इस सम्मेलन ने भारत को हेल्थकेयर सिमुलेशन में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में स्थापित किया। धन्यवाद ज्ञापन डॉ.सरस्वती ने दिया।
