Doordrishti News Logo

किसानों के लिए कृषि विवि में मृदा व जल परीक्षण प्रयोगशाला शुरू

  • 14 मानकों के आधार पर होगी जांच
  • सटीक परिणाम मिलेंगे -फसलों की गुणवत्ता में होगा सुधार

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),किसानों के लिए कृषि विवि में मृदा व जल परीक्षण प्रयोग शाला शुरू। केंद्र सरकार की ओर से शुरू किए गए राष्ट्रव्यापी खेत बचाओ अभियान के तहत कृषि विश्वविद्यालय जोधपुर में मृदा एवं जल परीक्षण लैब का शुभारंभ किया गया है, जो गुणवत्ता युक्त फसलों की पैदावार में अत्यंत सहायक है।

विश्वविद्यालय के किसान कौशल विकास केंद्र में स्थापित इस लैब में अब किसान अपने खेत की मिट्टी एवं सिंचाई जल की गुणवत्ता की जांच करवा सकेंगे। विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रोफेसर वीरेंद्र सिंह जैतावत ने बताया कि इस अभियान के तहत केंद्र सरकार का मूल मंत्र कम खाद,सही खाद और समझदारी से खाद है।

भागवत सप्ताह ज्ञान यज्ञ महोत्सव नौ जून से

उन्होंने कहा कि वर्तमान में खेती में बढ़ती लागत और मिट्टी की घटती उर्वरता किसानों के लिए सबसे बड़ी चिंता का विषय बन गई है। अकसर जानकारी के अभाव में किसान अपनी फसलों में अनावश्यक उर्वरकों और रसायनों का उपयोग करते हैं,जिससे न केवल मिट्टी खराब होती है बल्कि खेती का खर्च भी बढ़ जाता है। इसी समस्या के निदान के लिए विश्वविद्यालय में लैब स्थापित की गई है। यह लैब 14 पैरामीटर के आधार पर मिट्टी व पानी की जांच करती है,साथ ही वरिष्ठ वैज्ञानिकों की निगरानी में संचालित इस लैब के परिणाम सटीक एवं विश्वसनीय है।

वैज्ञानिक खेती को बढ़ावा
शुभारंभ के मौके पर कुलसचिव समदर सिंह भाटी ने कहा कि किसानों के लिए की गई इस पहल से जैविक खेती को भी बढ़ावा मिलेगा जब किसानों को अपनी मिट्टी की सही सेहत पता होगी, तो वे अनावश्यक खाद और कीटनाशकों पर होने वाले खर्च को कम कर सकेंगे। इससे न केवल फसलों की गुणवत्ता सुधरेगी,बल्कि उत्पादन भी बढ़ेगा।

वरिष्ठ वैज्ञानिक व इस प्रयोग शाला के प्रभारी डॉ प्रदीप पगारिया ने बताया कि लैब में मिट्टी की पीएच,इलेक्ट्रिकल कंडक्टिविटी,जैविक कार्बन नाइट्रोजन,फॉस्फोरस, पोटेशियम, कैल्शियम, मैग्नीशियम,सल्फर के साथ-साथ जिंक,आयरन मैंगनीज, कॉपर,कैल्शियम कार्बोनेट जैसे सूक्ष्म पोषक तत्वों की जांच की जाती है।

किसानों को उनकी मिट्टी में मौजूद पोषक तत्वों की मात्रा की जानकारी के साथ यह सलाह भी दी जाती है कि संतुलित रुप से कौन से तत्वों की कमी पूरी करनी चाहिए। डॉ पगारिया ने बताया कि भूमिगत जल में भी कई अशुद्धियां पाई जाती है। लैब में जल की पीएच टीडीएस और अन्य रासायनिक अशुद्धियों की जांच कर किसानों को उपयुक्त सिंचाई जल के चयन में मार्गदर्शन दिया जाता है।

Related posts:

नगरीय निकायों के अध्यक्ष एवं उपाध्यक्ष पदों के चुनाव आगामी आदेश तक स्थगित

September 14, 2026

जोधपुर में वार्ड 50 के बूथ संख्या 338 पर 16 सितंबर को होगा पुनर्मतदान

September 14, 2026

भाजपा कांग्रेस को 44 -44 और 11सीटें निर्दलीय खाते में 1 का परिणाम बांकी

September 14, 2026

अब तक जारी परिणाम में भाजपा 25 पर,22 पर कांग्रेस और 3 पर निर्दलीय विजेता

September 14, 2026

पॉलिटेक्निक कालेज में शुरू हुई मतगणना

September 14, 2026

100 वार्डों के 385 प्रत्याशियों की किस्मत का फैसला आज

September 14, 2026

राजस्थान की जनता ने ट्रिपल इंजन की सरकार का जनादेश दिया: पूनिया

September 14, 2026

निकाय चुनाव में बीजेपी की प्रचंड जीत का दावा

September 14, 2026

ऑनलाइन लिंक भेजकर व्यवसायी के खाते से उड़ाए 71 हजार रुपए

September 14, 2026