भगत की कोठी बना रेलवे की ऊर्जा क्रांति का सबसे बड़ा केंद्र
- 181 इलेक्ट्रिक इंजन कमीशन
- 15 इंजनों में लगी कवच प्रणाली
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),भगत की कोठी बना रेलवे की ऊर्जा क्रांति का सबसे बड़ा केंद्र। उत्तर पश्चिम रेलवे का भगत की कोठी इलेक्ट्रिक लोको शेड अब आधुनिक और ऊर्जा दक्ष रेल संचालन का बड़ा केंद्र बन गया है। अप्रेल 2026 तक यहां 181 इलेक्ट्रिक इंजनों का सफलता पूर्वक कमीशनिंग कार्य पूरा किया जा चुका है। इनमें 78 डब्ल्यूएपी-7 यात्री इंजन और 103 डब्ल्यूएजी- 9एचसी मालगाड़ी इंजन शामिल हैं।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि भगत की कोठी शेड में अप्रेल 2026 तक 15 इलेक्ट्रिक इंजनों में स्वदेशी ‘कवच’ सुरक्षा प्रणाली भी स्थापित की जा चुकी है। इसके अलावा इंजनों में एलईडी हेडलाइट,केब एसी और आधुनिक ड्राइवर सीट जैसी सुविधाएं जोड़ी गई हैं।
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भगत की कोठी शेड से मिले इंजनों के कारण उत्तर पश्चिम रेलवे के चारों मंडलों में 226 जोड़ी यात्री ट्रेनें, यानी करीब 80 प्रतिशत ट्रेनें अब बिजली से संचालित हो रही हैं। माल ढुलाई का 61 प्रतिशत कार्य भी इलेक्ट्रिक ट्रैक्शन से किया जा रहा है।
15.80 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन
रेलवे ने ऊर्जा संरक्षण की दिशा में भी बड़ी उपलब्धि हासिल की है। अप्रैल 2026 में सौर संयंत्रों से करीब 15.80 लाख यूनिट बिजली का उत्पादन किया गया। जयपुर,अजमेर, बीकानेर और जोधपुर मंडलों में रूफटॉप सोलर परियोजनाओं का विस्तार लगातार जारी है। अप्रैल तक 348 किलोवाट अतिरिक्त सौर क्षमता भी जोड़ी गई।
509 किलोलीटर ईंधन की बचत
इसके अलावा डीजल इंजनों को निष्क्रिय समय में बंद रखने की पहल से अप्रेल में 509 किलोलीटर ईंधन की बचत हुई, जिससे रेलवे को करीब 4.72 करोड़ रुपए की बचत हुई।
