भगत की कोठी-मारवाड़ जंक्शन रेलखंड 140 किमी प्रतिघंटा के लिए तैयार

जोधपुर मंडल ने शुरू की आधुनिक ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली -ट्रेनों की गति और समयपालन में होगा बड़ा सुधार

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),भगत की कोठी-मारवाड़ जंक्शन रेलखंड 140 किमी प्रति घंटा के लिए तैयार। उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने रेलवे सिग्नलिंग और सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी तकनीकी उपलब्धि हासिल की है। मंडल ने सालावास- बासनी-भगत की कोठी रेलखंड पर 12.75 रेल किलोमीटर क्षेत्र में आधुनिक ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली सफलता पूर्वक शुरू कर दी है।

इस नई तकनीक के लागू होने के बाद भगत की कोठी-मारवाड़ जंक्शन रेलखंड अब 140 किलो मीटर प्रतिघंटा की गति से ट्रेनों के संचालन के लिए सिग्नल व संकेत दिशा से पूरी तरह तैयार हो गया है। इससे आने वाले समय में ट्रेनों की रफ्तार बढ़ाने,ट्रेनों के बीच दूरी कम करने और समयपालन बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।

उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार ऑटोमेटिक ब्लॉक सिग्नलिंग प्रणाली ऐसी आधुनिक तकनीक है, जिसमें ट्रेन की स्थिति के अनुसार सिग्नल अपने आप नियंत्रित होते हैं। इससे रेल संचालन अधिक सुरक्षित और सुचारू बनता है। एक ही रेलखंड पर कम अंतराल में अधिक ट्रेनों का संचालन संभव हो पाता है, जिससे लाइन क्षमता भी बढ़ती है।

जालोर-दिल्ली उद्घाटन स्पेशल ट्रेन के संचालन समय में संशोधन

उन्होंने बताया कि इस परियोजना के तहत एएलएच-3,एएलएच-4 और बासनी स्टेशन पर नई सीमेंस आधारित इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग प्रणाली लगाई गई है। सालावास स्टेशन की मौजूदा सिग्नलिंग प्रणाली में भी आवश्यक तकनीकी बदलाव किए गए हैं। इसके अलावा सालावास,बासनी और भगत की कोठी स्टेशनों पर पहले से लगी मेधा आधारित इंटरलॉकिंग प्रणाली में भी व्यापक संशोधन किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि जोधपुर मंडल में आधुनिक और हाई स्पीड रेल संचालन की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे भविष्य में तेज गति वाली ट्रेनों के संचालन का मार्ग और अधिक मजबूत होगा। उन्होंने कहा कि इस नई तकनीक से न केवल रेल संचालन तेज और सुरक्षित होगा,बल्कि यात्रियों को भी समय पर ट्रेन संचालन का लाभ मिलेगा।

रेलवे के उप मुख्य संकेत एवं दूरसंचार अभियंता (परियोजना) राहुल वर्मा के अनुसार रेल संचालन को और अधिक सुरक्षित एवं विश्वसनीय बनाने के लिए सीमेंस ड्यूल एमएसडीएसी प्रणाली भी स्थापित की गई है। इसके साथ ही बेहतर और निर्बाध संचार व्यवस्था के लिए 2×48 कोर ऑप्टिकल फाइबर केबल पाथ डाइवर्सिटी के साथ बिछाई गई है, ताकि किसी एक लाइन में खराबी आने पर दूसरी लाइन से संचार जारी रह सके।

बिजली बाधित होने पर भी निर्बाध कार्यरत रहेगी सिग्नल प्रणाली
इसके अलावा सभी ऑटो हट्स पर 10 केवीए के सहायक ट्रांसफॉर्मर और बैकअप विद्युत आपूर्ति की व्यवस्था भी की गई है, जिससे बिजली बाधित होने की स्थिति में भी सिग्नलिंग प्रणाली बिना रुकावट काम करती रहे।