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दुष्कर्म पीड़िता बहनों के सुसाइड पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान

केस की पूरी रिपोर्ट मांगी -पुलिस उपाधीक्षक और थानाधिकारी पर गिर सकती है गाज

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),दुष्कर्म पीड़िता बहनों के सुसाइड पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने लिया स्वत: संज्ञान। जिले के खेड़ापा थाना इलाके के एक गांव में दुष्कर्म पीडि़त दो बहनों के आत्महत्या किए जाने पर राष्ट्रीय महिला आयोग ने स्वत: संज्ञान लिया है।

आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर ने राजस्थान के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से सात दिन में कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है। आयोग ने एफआईआर के प्रावधानों,आरोपियों की गिरफ्तारी,फोरेंसिक साक्ष्यों और पुलिस निष्क्रियता सहित कई बिंदुओं पर जानकारी मांगी है।

इस मामले में 20 मार्च को एक विवाहिता ने आत्म हत्या की थी,जिसके बाद 11 अप्रैल को उसकी छोटी बहन ने गैंगरेप और ब्लैकमेल की शिकायत दर्ज कराई,लेकिन कार्रवाई न होने पर छोटी बहन ने भी 15 अप्रैल को टंकी पर चढक़र जहर खाकर जान दे दी थी। परिजनों का आरोप है कि समय पर कार्रवाई होती तो दूसरी बहन बच सकती थी। पुलिस ने अब दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी और थानाधिकारी के खिलाफ विभागीय जांच शुरू कर दी गई है।

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आयोग ने एफआईआर में लगाए गए प्रावधानों,सभी आरोपियों की गिरफ्तारी, जांच की वर्तमान स्थिति, डिजिटल एवं फोरेंसिक साक्ष्यों,पीडि़त परिवार द्वारा पूर्व में की गई शिकायतों पर कथित पुलिस निष्क्रियता तथा संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही संबंधी विवरण मांगे हैं। पीडि़त परिवार को उपलब्ध कराई जा रही कानूनी सहायता, मनोवैज्ञानिक परामर्श, सुरक्षा एवं पुनर्वास सहायता तथा भविष्य में महिलाओं से जुड़े यौन अपराधों एवं ब्लैकमेल के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने हेतु उठाए जा रहे कदमों की जानकारी भी मांगी गई है।

जांच रिपोर्ट पर होगी कार्रवाई
इस पूरे मामले में जांच अधिकारी डीएसपी भूराराम खिलेरी और थानाधिकारी लाखाराम की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। पीडि़ताओं के परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया है कि यदि 11 अप्रैल को दर्ज एफआईआर पर कार्रवाई कर गिरफ्तारी की जाती, तो 33 दिन बाद छोटी बहन को अपनी जान नहीं देनी पड़ती। जोधपुर ग्रामीण पुलिस अधीक्षक पीडी नित्या ने दोनों अधिकारियों के विरुद्ध विभागीय जांच शुरू कर दी है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर कार्रवाई होगी।

ऑडियो हो रहे वायरल
इस घटनाक्रम को लेकर कई तरह के ऑडियो वायरल हो रहे हैं। एक ऑडियो में दावा किया जा रहा है कि 15 अप्रैल को टंकी पर चढक़र आत्महत्या करने वाली पीडि़ता और थानाधिकारी के बीच बातचीत हुई,जिसमें उसकी रिपोर्ट को फर्जी बताया जा रहा है। इस पर थानाधिकारी का कोई रिएक्शन नहीं आया है।