भातर सरकार को 15 जुलाई तक हलफनामा दाखिल करने के आदेश
- डीआरटी की स्थापना
- राजस्थान हाईकोर्ट
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),भारत सरकार को 15 जुलाई तक हलफनामा दाखिल करने के आदेश। राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ के कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश संजीव प्रकाश शर्मा और न्यायाधीश चंद्र शेखर शर्मा ने राजस्थान हाइकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका को राजस्थान रेवेन्यू बार एसोसिएशन द्वारा पोषणीय नहीं बताकर खारिज करने की मांग को दरकिनार करते हुए कहा कि खंडपीठ के 15 मई 2023 के न्यायिक आदेश की पालना में राज्य सरकार ने ने जुलाई 2023 से जोधपुर में राजस्व मंडल की एकल पीठ की प्रति माह पांच दिन की न्यायिक कार्यवाही शुरू कर दी है सो प्रारंभिक आपत्ति पर विचार करने की जरूरत नहीं है।
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उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जोधपुर डिवीजन में राजस्व मंडल के खंडपीठ के मामले बढऩे पर खंडपीठ की न्यायिक कार्यवाही जोधपुर चल पीठ में होगी। उन्होंने जोधपुर में ऋण वसूली अधिकरण (डीआर टी) की स्थापना बाबत भारत सरकार को आगामी पेशी 15 जुलाई तक हलफनामा दाखिल करने के आदेश दिए।
राजस्थान हाइकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आनंद पुरोहित, अधिवक्ता अनिल भंडारी और दिनेश चौधरी ने कहा कि खंडपीठ ने सभी पक्षों की सुनवाई पश्चात राजस्व मंडल को निर्देश दिए कि जोधपुर डिवीजन में बढ़ते हुए प्रकरण को देखते हुए मंडल की चलपीठ की न्यायिक कार्यवाही एकल और खंडपीठ की जुलाई से प्रतिमाह पांच दिन न्यायिक कार्यवाही शुरू करें और इसकी पालना में राज्य सरकार ने जुलाई 2023 में ही आदेश जारी कर दिया।
उन्होंने कहा कि राजस्थान रेवेन्यू बार एसोसिएशन ने 15 मई 2023 के आदेश को रिकॉल करने का प्रार्थना पत्र पेश किया था,लेकिन 13 जुलाई को बहस के वक्त इस पर जोर नहीं देने से उनका प्रार्थना पत्र खारिज हो गया सो रेवेन्यू बार की रिट याचिका पोषणीय नहीं की आपत्ति खारिज की जाएं। उन्होंने कहा कि जोधपुर में राजस्व मंडल की चलपीठ में एकल पीठ के साथ ही खंडपीठ की न्यायिक कार्यवाही शुरू की जाएं।उन्होंने कहा कि खंडपीठ की न्यायिक कार्यवाही शुरू होने पर प्रकरण में अपने आप बढ़ोतरी होगी।
उन्होंने कहा कि ऋण वसूली अधिकरण के प्रकरणों को देखते हुए भारत सरकार को निर्देश दिया जाएं कि जोधपुर में डीआरटी की स्थापना करें।
रेवेन्यू बार एसोसिएशन की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता एम एम रंजन ने कहा कि जयपुर जिला बार एसोसिएशन की जयपुर में राजस्व मंडल की पीठ स्थापित करने की याचिका खंडपीठ 9 दिसंबर 2024 को खारिज कर चुकी है सो वर्तमान जनहित याचिका को भी खारिज किया जाए।
राज्य सरकार की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता राजेश पंवार और महावीर सिंह बिश्नोई ने कहा कि मामले बढऩे पर राजस्व मंडल की खंडपीठ की न्यायिक कार्यवाही जोधपुर में शुरू कर दी जाएगी। भारत सरकार की ओर से एडिशनल सॉलिसिटर जनरल भरत व्यास ने न्यायालय को आश्वस्त किया कि जोधपुर में डीआरटी की स्थापना पर अनुकूल कार्रवाई करते हुए भारत सरकार की ओर से जल्द ही हलफनामा दाखिल कर देंगे।
राजस्थान उच्च न्यायालय की खंडपीठ ने आदेश देते हुए कहा कि याची एसोसिएशन राजस्व मंडल की स्थाई पीठ की मांग नहीं करते हुए चल पीठ की एकल पीठ के साथ ही खंडपीठ की न्यायिक कार्यवाही की मांग ही कर रही है और राज्य सरकार ने न्यायालय आदेश बाद इस पर जुलाई 2023 में ही पालना कर दी है और रेवेन्यू बार एसोसिएशन ने आदेश को सर्वोच्च न्यायालय में चुनौती नहीं दी है सो जनहित याचिका के पोषणीय नहीं होने की आपत्ति को दरकिनार करते हुए इस पर आदेश की जरूरत नहीं है।
उन्होंने जोधपुर में ऋण वसूली मामलों को देखते हुए भारत सरकार को निर्देश दिए कि जोधपुर में डीआरटी की स्थापना करने बाबत आगामी पेशी 15 जुलाई तक हलफनामा पेश करें।
