हाईकोर्ट ने पीएचईडी अधिकारियों पर लगाया एक लाख का जुर्माना
समीक्षा याचिका के आदेश को चुनौती देने वाली अपील खारिज
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),हाईकोर्ट ने पीएचईडी अधिकारियों पर लगाया एक लाख का जुर्माना। राजस्थान हाईकोर्ट ने जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) के अधिकारियों द्वारा दायर विशेष अपील को न केवल खारिज कर दिया,बल्कि इसे न्यायालय का समय बर्बाद करने वाला कदम मानते हुए संबंधित अधिकारियों पर एक लाख रुपए का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने स्पष्ट टिप्पणी करते हुए कहा कि समीक्षा याचिका पर पारित आदेश के खिलाफ विशेष अपील का कोई प्रावधान नहीं है,इसके बावजूद अपील दायर करना गंभीर लापरवाही और अनावश्यक एडवेंचरिज्म है।
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कार्यवाहक सीजे संजीव प्रकाश शर्मा एवं जस्टिस चन्द्रशेखर शर्मा की डिवीजन बेंच के समक्ष राज्य सरकार,पीएचईडी के मुख्य अभियंता (प्रशासन), वित्त विभाग के सचिव तथा बालोतरा पीएचईडी के अधिशासी अभियंता ने जय प्रकाश गुप्ता के खिलाफ अपील दायर की थी। खंडपीठ ने अपने आदेश में कहा कि अपीलकर्ता पक्ष ने एकलपीठ द्वारा 18 सितंबर 2025 को समीक्षा याचिका खारिज किए जाने के आदेश को चुनौती दी थी। कोर्ट ने आदेश 47 नियम 7 सिविल प्रक्रिया संहिता (सीपीसी) का उल्लेख करते हुए स्पष्ट किया कि समीक्षा आवेदन खारिज होने के आदेश के खिलाफ कोई अपील स्वीकार्य नहीं होती। केवल समीक्षा स्वीकार किए जाने की स्थिति में ही आपत्ति उठाई जा सकती है।
कोर्ट ने यह भी कहा कि हाईकोर्ट नियमों में भी समीक्षा आदेश के विरुद्ध विशेष अपील का कोई प्रावधान नहीं है। ऐसे में यह अपील विधि सम्मत नहीं मानी जा सकती। खंडपीठ ने टिप्पणी करते हुए कहा कि जिन अधिकारियों और विधिक सलाहकारों ने यह अपील दायर करने की सलाह दी,उन्हें कानून के स्पष्ट प्रावधानों की पूरी जानकारी होनी चाहिए थी। इसके बावजूद इस प्रकार की निरर्थक अपील दायर कर न्यायालय का बहुमूल्य समय व्यर्थ किया गया। हाईकोर्ट ने मामले को गंभीरता से लेते हुए एक लाख रुपए की लागत संबंधित जिम्मेदार व्यक्तियों से वसूलने के आदेश दिए हैं। अप्रार्थी जयप्रकाश की ओर से अधिवक्ता पीआर मेहता ने पैरवी की।
