166 प्रकरणों का निस्तारण 3 बैंचों का गठन,4,95,75,320 के अवार्ड पारित
राष्ट्रीय लोक अदालत
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),166 प्रकरणों का निस्तारण 3 बैंचों का गठन,4,95,75,320 के अवार्ड पारित। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण,नई दिल्ली के निर्देशानुसार एवं कार्यकारी अध्यक्ष, राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के सानिध्य में इस वर्ष की द्वितीय राष्ट्रीय लोक अदालत का शुभारंभ द्वितीय शनिवार को राजस्थान उच्च न्यायालय,जोधपुर मुख्य पीठ में चंद्रशेखर शर्मा, न्यायाधीश,राजस्थान उच्च न्यायालय जोधपुर ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्जवलित कर किया।
न्यायाधिश चंद्रशेखर शर्मा ने अपने उद्बोधन में कहा कि न्यायापालिका सदैव प्रयास करती है कि लोक अदालत में अधिक से अधिक प्रकरणों का निस्तारण किया जाए साथ ही हम प्री-लिटिगेशन, पारिवारिक विवाद प्रकरण,मोटर दुर्घटना दावा प्रकरण,सिविल प्रकरण व आपराधिक प्रकरण जो कि कम्पाउडेबल हैं उनके अधिक से अधिक निस्तारण का प्रयास है। आज पूरे राज्य के जिला न्यायालयों में लोक अदालतों का आयोजन किया जा रहा है तथा सभी का सामूहिक प्रयास है कि आमजन को सस्ता व सुलभन्याय प्राप्त हो सके।
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उन्होंने कहा कि पक्षकारों व अधिवक्ताओं का भी इसमें अधिक से अधिक सहयोग की अपेक्षा है। उन्होंने कहा कि प्री-लिटिगेशन के तहत अगर दोनों पक्षकारों के बीच न्यायालय के बाहर भी समझौता होता है तो इससे पक्षकारों को आर्थिक लाभ के साथ-साथ समय की भी बचत होती है।
राजस्थान उच्च न्यायालय विधिक सेवा समिति,जोधपुर के सचिव राकेश रामावत ने बताया कि आज इस राष्ट्रीय लोक अदालत में 3 बैंचों का गठन किया गया है तथा 1500 से अधिक प्रकरणों को सूचीबद्ध किया गया है। जिसके तहत बैंच संख्या 1 में न्यायाधिश चंद्रशेखर शर्मा,अध्यक्ष व राजेश जोशी,वरिष्ठ अधिवक्ता बतौर सदस्य व बैंच संख्या 2 में न्यायाधिश संदीप शाह, अध्यक्ष व धीरेंद्र सिंह चम्पावत वरिष्ठ अधिवक्ता बतौर सदस्य,बैंच संख्या 3 में न्यायाधिपति संजीत पुरोहित,अध्यक्ष व डॉ अशोक सोनी ने बतौर सदस्य सुनवाई कर पक्षकारान के मध्य समझाइश करवाकर विभिन्न प्रकृति के कुल 166 प्रकरणों का निस्तारण कर 4,95,75,320/-के अवार्ड पारित किए गए।
