गोटन रेलवे स्टेशन का कायाकल्प अंतिम चरण में
- औद्योगिक शक्ति और आधुनिक सुविधाओं का संगम
- औद्योगिक पहचान को मिलेगी नई रफ्तार
- दिव्यांगजन अनुकूल और स्वच्छता केंद्रित सुविधाएं
- फिनिशिंग कार्य के साथ अंतिम चरण में परियोजना
- तकनीक से सशक्त स्टेशन संचालन
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),गोटन रेलवे स्टेशन का कायाकल्प अंतिम चरण में। भारतीय रेलवे की महत्त्वाकांक्षी अमृत भारत स्टेशन योजना के अंतर्गत गोटन रेलवे स्टेशन का व्यापक पुनर्विकास कार्य अब अपने अंतिम चरण में पहुंच चुका है। लगभग 18.93 करोड़ रुपये की लागत से हो रहा यह विकास कार्य स्टेशन को एक आधुनिक, सुव्यवस्थित और यात्री-केंद्रित परिवहन केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।
मारवाड़ क्षेत्र में अपनी विशिष्ट पहचान रखने वाला गोटन लंबे समय से औद्योगिक गतिविधियों विशेषकर सीमेंट उद्योग,खनिज परिवहन और लोडिंग-अनलोडिंग कार्यों का प्रमुख केंद्र रहा है। ऐसे में स्टेशन का यह कायाकल्प न केवल यात्रियों के लिए सुविधाओं का विस्तार करेगा बल्कि औद्योगिक आवागमन को भी नई गति देगा। आने वाले समय में यह स्टेशन क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था की धुरी के रूप में और अधिक सशक्त भूमिका निभाएगा।
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उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर अपर मंडल रेल प्रबंधक करनी राम ने बताया कि पुनर्विकास के तहत गोटन रेलवे स्टेशन परिसर में नई आधुनिक स्टेशन बिल्डिंग का निर्माण किया गया है जिसमें स्थानीय स्थापत्य शैली की झलक भी समाहित की गई है। यात्रियों की सुविधा के लिए विस्तृत वेटिंग हॉल और विश्राम क्षेत्र विकसित किए गए हैं, जहां बैठने की पर्याप्त व्यवस्था,बेहतर वेंटिलेशन और स्वच्छ वातावरण सुनिश्चित होगा। स्टेशन के प्रवेश एवं निकास द्वारों को चौड़ा और सुव्यवस्थित किया जा रहा है,ताकि बढ़ती यात्री संख्या के बीच आवागमन सहज बना रहे।
पार्किंग एवं सर्कुलेटिंग एरिया का विस्तार कर यातायात प्रबंधन को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है। प्लेटफॉर्मों के बीच सुरक्षित आवागमन के लिए फुट ओवरब्रिज (एफओबी) का निर्माण किया जा रहा है। स्टेशन को पूरी तरह दिव्यांगजन अनुकूल बनाने के लिए रैंप, रेलिंग और अन्य आवश्यक सुविधाओं का समावेश किया गया है। इन सभी कार्यों को जल्द से जल्द अर्थात इसी माह पूरा करने का लक्ष्य है।
इस पुनर्विकास का मुख्य उद्देश्य स्टेशन को स्वच्छ,सुरक्षित,आराम दायक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाना है। साथ ही निर्माण कार्य में पर्यावरणीय संतुलन और स्थानीय सांस्कृतिक पहचान का विशेष ध्यान रखा जा रहा है ताकि स्टेशन केवल आधुनिकता का प्रतीक ही नहीं बल्कि क्षेत्र की विरासत का भी परिचायक बने।
वर्तमान में परियोजना के अधिकांश प्रमुख कार्य पूर्ण हो चुके हैं और विभिन्न संरचनाओं पर फिनिशिंग कार्य तेजी से जारी है। मंडल प्रशासन के अनुसार निर्धारित शेष कार्यों को शीघ्र पूरा कर स्टेशन को जल्द ही यात्रियों के लिए समर्पित किया जाएगा।
पुनर्विकसित गोटन रेलवे स्टेशन भविष्य में न केवल यात्रियों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करेगा, बल्कि औद्योगिक प्रगति और आधुनिक अधोसंरचना के संगम के रूप में क्षेत्र की नई पहचान स्थापित करेगा जहां हर आगमन विकास की कहानी कहेगा और हर प्रस्थान नई संभावनाओं की ओर संकेत करेगा।
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक मूलभूत सुविधाएं
उन्होंने बताया कि गोटन स्टेशन पर स्वच्छता और बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ करने के लिए आधुनिक टॉयलेट ब्लॉक,बेहतर ड्रेनेज एवं जल निकासी प्रणाली तथा सुव्यवस्थित पार्सल कार्यालय और इलेक्ट्रिकल रूम भी विकसित किए जा रहे हैं। यात्रियों को रीयल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराने हेतु डिजिटल डिस्प्ले सिस्टम और सूचना तंत्र लगाया जा रहा है, जिससे यात्रा और भी सुगम और पारदर्शी बनेगी।
