कलक्टर आलोक रंजन ने स्व-गणना में लिया भाग

  • आमजन से स्व-गणना के माध्यम से सटीक जानकारी देने की अपील
  • यह सरल,सहज और समय बचाने वाली प्रक्रिया है

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),कलक्टर आलोक रंजन ने स्व- गणना में लिया भाग।जनगणना 2027 के तहत प्रारंभ हुई स्व- गणना प्रक्रिया के अंतर्गत जिला कलक्टर आलोक रंजन ने स्वयं ऑनलाइन पंजीकरण कर आमजन को इस राष्ट्रीय अभियान से जुड़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने आधिकारिक पोर्टल https://se.census.gov.in पर जाकर अपना विवरण भरते हुए स्व-गणना की प्रक्रिया पूर्ण की।

जिला कलक्टर आलोक रंजन ने बताया कि स्वगणना की प्रक्रिया अत्यंत सरल और सहज है। उन्होंने कहा कि मैंने अभी-अभी अपना पंजीकरण पूरा किया है। इसके लिए केवल se.census.gov.in पर जाकर मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगिन करना होता है।

उन्होंने बताया कि वर्तमान में स्व-गणना के प्रथम चरण में आवास से संबंधित जानकारी भरी जा रही है,जिसमें किसी प्रकार के दस्तावेज़ की आवश्यकता नहीं होती। इस प्रक्रिया में कुल 34 प्रश्न हैं,जो बहुविकल्पीय (बुलेट) स्वरूप में दिए गए हैं,जैसे गैस कनेक्शन का प्रकार,घर का फर्श,छत आदि। इसके साथ ही आवास की लोकेशन को मैप पर चिन्हित करना होता है।

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स्व-गणना से आसान होगी प्रगणकों की प्रक्रिया
जिला कलक्टर ने बताया कि जानकारी भरने के पश्चात नागरिकों को एक यूनिक नंबर प्राप्त होगा, जो उनके मोबाइल पर संदेश के रूप में भेजा जाएगा। 16 मई से जब प्रगणक घर-घर सर्वेक्षण के लिए आएंगे,तब नागरिकों को केवल यह यूनिक नंबर उपलब्ध करवाना होगा। इसके माध्यम से पूरा फॉर्म उनके सिस्टम पर खुल जाएगा,जिसे वे सत्यापित करेंगे। आवश्यकता होने पर उस समय भी जानकारी में संशोधन संभव होगा।

उन्होंने कहा कि स्व-गणना करने से प्रगणकों का कार्य सरल होगा और नागरिकों को भी संतोष रहेगा कि उनकी जानकारी सही और पूर्ण रूप से दर्ज हुई है।

डिजिटल जनगणना में भागीदारी का आह्वान
रंजन ने कहा कि जनगणना 2027 पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना है,जो देश की डिजिटल प्रगति की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे इस डिजिटल क्रांति का हिस्सा बनें और स्व-गणना के माध्यम से सक्रिय भागीदारी निभाएं।

उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि स्व-गणना के दौरान ओटीपी घर के मुखिया के मोबाइल नंबर पर प्राप्त होता है,अतः पंजीकरण उसी के माध्यम से किया जाना चाहिए। एक बार जनरेट हुई सेल्फ-एन्युमरेशन आईडी स्थायी रहती है।

जिला कलक्टर ने नागरिकों से आग्रह किया कि वे 1 मई से 15 मई तक उपलब्ध इस विशेष सुविधा का अधिकतम उपयोग करें तथा राष्ट्र के इस महत्वपूर्ण कार्य को सफल बनाने में अपना योगदान दें।