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8वें राष्ट्रीय पोषण पखवाड़े में जोधपुर प्रदेश में प्रथम,राजस्थान देश में अव्वल

  • मस्तिष्क विकास थीम पर नवाचारों ने दिलाई बड़ी सफलता
  • 1.65 लाख से अधिक गतिविधियों के साथ 133% लक्ष्य प्राप्ति

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),8वें राष्ट्रीय पोषण पखवाड़े में जोधपुर प्रदेश में प्रथम,राजस्थान देश में अव्वल।महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा आयोजित अष्टम राष्ट्रीय पोषण पखवाड़ा (9 अप्रैल से 23 अप्रैल 2026) में जोधपुर जिले ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए पूरे राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है। राजस्थान ने भी राष्ट्रीय स्तर पर शानदार उपलब्धि हासिल करते हुए पूरे देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया है।

उपनिदेशक महिला एवं बाल विकास रावत कड़वासरा ने बताया कि इस वर्ष पोषण पखवाड़े की थीम “जीवन के प्रथम 06 वर्षों में अधिकतम मस्तिष्क विकास” रही, जिसके अंतर्गत जिले की आंगनवाड़ी केन्द्रों द्वारा व्यापक स्तर पर नवाचारपूर्ण गतिविधियों का आयोजन किया गया। उन्होंने बताया कि जोधपुर जिले में कुल 1,65,353 गतिविधियों का सफल आयोजन किया गया, जो निर्धारित लक्ष्य का 133.19 प्रतिशत है।

मस्तिष्क विकास पर विशेष फोकस बाल्यावस्था में नवाचारपूर्ण पहल
पखवाड़े के दौरान 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों के मस्तिष्क विकास को प्राथमिकता देते हुए ‘दादी-नानी की जुबानी पोषण की कहानियां’,भाषा एवं कहानी सत्र तथा DIY खिलौना कार्यशालाओं का आयोजन किया गया। इन गतिविधियों के माध्यम से बच्चों के मानसिक,भाषाई एवं रचनात्मक विकास को बढ़ावा दिया गया।

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डिजिटल डिटॉक्स अभियान-बच्चों को स्क्रीन से दूर रखने का प्रयास
बच्चों में बढ़ती मोबाइल निर्भरता को कम करने के उद्देश्य से “नो- स्क्रीन-आवर” एवं “फैमिली प्ले टाइम” जैसे विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन अभियानों के माध्यम से अभिभावकों को बच्चों के साथ गुणवत्ता पूर्ण समय बिताने के लिए प्रेरित किया गया।

मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य जागरूकता और सेवाओं का विस्तार
गर्भवती महिलाओं एवं बच्चों के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए स्वास्थ्य शिविर,एएनसी जांच, आयरन-फोलिक एसिड वितरण, पोषण रैलियां एवं स्वस्थ व्यंजन प्रतियोगिताएं आयोजित की गईं। इन प्रयासों से पोषण के प्रति जन-जागरूकता में उल्लेखनीय वृद्धि हुई।

पोषण पखवाड़े को जन आंदोलन का रूप देते हुए पोषण मेलों एवं ‘अम्मा कार्यक्रम’ का आयोजन किया गया,जिसमें कुपोषण प्रबंधन, वृद्धि निगरानी एवं संतुलित आहार के प्रति समुदाय को जागरूक किया गया।

रैंकिंग में जोधपुर अव्वल राजस्थान देश में नंबर 1
उपनिदेशक कड़वासरा ने बताया कि जोधपुर जिले ने 133.19 प्रतिशत उपलब्धि के साथ राजस्थान में प्रथम स्थान प्राप्त किया। बीकानेर (130.31 प्रतिशत) दूसरे एवं चूरू (127.96 प्रतिशत) तीसरे स्थान पर रहे। राष्ट्रीय स्तर पर राजस्थान ने 112.33 प्रतिशत उपलब्धि के साथ देश में प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि आंध्र प्रदेश (105.72 प्रतिशत) दूसरे एवं चंडीगढ़ (104.54 प्रतिशत) तीसरे स्थान पर रहा।

उपनिदेशक ने इस ऐतिहासिक सफलता का श्रेय जिले की समस्त आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं,आशा सहयोगिनियों,सुपरवाइजरों एवं विभागीय अधिकारियों की टीम भावना एवं अथक परिश्रम को दिया। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि “कुपोषण मुक्त जोधपुर” और “सुपोषित बचपन” के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।