विकसित राजस्थान बनाने में नवनियुक्त लोक सेवकों की अहम भूमिका-मुख्यमंत्री

  • मुख्यमंत्री का नवनियुक्त लोक सेवकों से संवाद
  • जनता की समस्याओं को गहराई से सुनकर तत्परता से सुलझाएं
  • प्रदेश में पानी,ऊर्जा और रोजगार के क्षेत्र में हुए उल्लेखनीय कार्य
  • नवनियुक्त लोक सेवक राज्य के नैतिक आधार स्तंभ
  • लोक सेवक जमीनी हकीकत को ध्यान में रखकर समाधान की दिशा में सही कदम बढ़ाएं
  • विभिन्न सेवाओं के नवनियुक्त लोक सेवकों ने मुख्यमंत्री से साझा किए अनुभव
  • पेपरलीक पर लगाम लगाने और समय सीमा में भर्ती के लिए मुख्यमंत्री का जताया आभार

जयपुर(दूरदृष्टीन्यूज),विकसित राजस्थान बनाने में नवनियुक्त लोक सेवकों की अहम भूमिका मुख्यमंत्री। प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि नवनियुक्त लोक सेवकों ने राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं जैसी परीक्षा कड़ी मेहनत, त्याग और अटूट समर्पण से उत्तीर्ण की है। उन्होंने कहा कि इस सफलता में परिजन और परिचितों का अहम योगदान है,अब नवनियुक्त लोक सेवक इस सफलता से उन सभी को संबल प्रदान करें। उन्होंने कहा कि हमारी युवा पीढ़ी बड़े सपने देखे और उन्हेें पूरा करने के लिए कठिन परिश्रम भी करे।

शर्मा रविवार को बिड़ला सभागार में राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाओं के नवनियुक्त लोक सेवकों से संवाद कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे।उन्होंने कहा कि राज्यसरकार की सामाजिक कल्याण की योजनाएं एवं नीति धरातल पर पहुंची हैं,जिससे किसान,गरीब, मजदूर,घुमंतू-अर्द्धघुमंतू एवं दिव्यांग वर्ग के अनेक युवाओं को लोकसेवक बनने का अवसर प्राप्त हुआ है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस परीक्षा की तैयारी के दौरान जिन भावना और विचारों से प्रेरित होकर नवनियुक्त लोक सेवक आज जिस स्थान पर पहुंचे हैं,वहां भी इन भावना और विचारों को बनाए रखें तथा आमजन की सेवा और कल्याण के कार्य आगे बढ़ाएं। परिश्रम वह सीढ़ी है,जो पद तक तो ले जाती है किंतु सेवाभाव वह नींव है,जो लोक सेवक को आमजन के दिलों में सदा के लिए स्थाई बनाती है।

शर्मा ने कहा कि लोकसेवक अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों के प्रति सजग रहकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत-विकसित राजस्थान 2047 के सपने को साकार करने में अहम भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि राजस्थान को देश का नंबर एक राज्य बनाना ही हमारी सरकार का संकल्प है और इस संकल्प को पूरा करने के लिए स्पष्ट रोडमैप बनाया गया है, जिस पर कार्य किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में सबसे पहले पेयजल व सिंचाई की आवश्यकता की पूर्ति के लिए परियोजनाओं पर काम प्रारंभ किया गया,जिससे आमजन,किसान और उद्योगों की जल आवश्यकता की पूर्ति की जा सके। इसी क्रम में राम जल सेतु लिंक परियोजना,यमुना जल समझौता,इंदिरा गांधी कैनाल व गंगनहर,देवास परियोजना जैसे अनेक प्रोजेक्ट्स पर निरंतर काम किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा की दूसरी बड़ी आवश्यकता की पूर्ति के लिए हमारी सरकार ने केन्द्र सरकार के साथ 2 लाख करोड़ रुपये से अधिक के एमओयू किए,जिन पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 तक ऊर्जा के क्षेत्र में प्रदेश को आत्मनिर्भर बनाने के लिए तेजी से काम किया जा रहा है, जिससे किसान को दिन में और आमजन व उद्योगों को भी भरपूर बिजली मिलेगी। फिलहाल 22 जिलों में किसानों को दिन में बिजली दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि 5 साल में 4 लाख सरकारी नौकरी देने के वादे को पूरा करने के क्रम में अब तक 1.25 लाख से अधिक पदों पर युवाओं को नियुक्तियां दी जा चुकी हैं। 1 लाख 35 हजार पदों पर भर्तियां प्रक्रियाधीन हैं। 1.25 लाख पदों पर भर्ती का कैलेण्डर जारी किया है। उन्होंने कहा कि युवा नौकरी लेने वाला नहीं बल्कि देने वाला बने,इसके लिए युवा नीति जारी की गई है। राइजिंग राजस्थान के एमओयू के धरातल पर उतरने से लाखों युवाओं को रोजगार के अवसर मिले हैं।

उपमुख्यमंत्री डॉ प्रेमचंद बैरवा सोमवार को जोधपुर में

शर्मा ने कहा कि पर्यटन के क्षेत्र में भी राजस्थान समृद्ध एवं अग्रणी राज्य है। यहां की जमीन में 85 प्रकार के खनिज हैं। शिक्षा और चिकित्सा के क्षेत्र में भी निरंतर उल्लेखनीय कार्य हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश तेजी से विकास कर रहा है। बांसवाड़ा में परमाणु ऊर्जा संयंत्र और बालोतरा स्थित रिफाइनरी पर काम किया जा रहा है। नीमराणा,भिवाड़ी और खुशखेड़ा औद्योगिक क्षेत्र में उद्योग स्थापित हो रहे हैं। डीएमआईसी और भारतमाला से प्रदेश के औद्योगिक विकास को गति मिल रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि कृषि,उद्योग, पर्यटन,नवीकरणीय ऊर्जा और इन्फ्रास्ट्रक्चर हर क्षेत्र में युवा अधिकारियों की सोच,नवाचार और असीमित ऊर्जा की जरूरत है। उन्होंने कहा कि वर्ष 1893 में स्वामी विवेकानंद ने कहा था कि 21वीं सदी भारत की होगी। उस कथन को आज प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी साकार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि युवा अपनी कलम से विकसित राजस्थान की कहानी लिख रहे हैं क्योंकि हमारे युवा ही प्रदेश के कर्णधार हैं।

शर्मा ने कहा कि नवनियुक्त लोक सेवक जनता की समस्याओं को सुने,गहराई से समझे और पूरी तत्परता से सुलझाएं। यही मंत्र एक सफल,सम्मानित और लोकप्रिय अधिकारी की सच्ची पहचान है। उन्होंने कहा कि जिस विभाग में जाएं,वहां की जमीनी हकीकत को ध्यान से समझें और समाधान की दिशा में सही कदम बढ़ाएं। जनता की हर शिकायत और आवेदन का निर्धारित समय-सीमा में समाधान हो। यह लोक सेवकों का प्रमुख दायित्व भी है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि नवनियुक्त लोक सेवक राज्य के नैतिक आधार स्तंभ हैं। इनके आचरण से पूरे विभाग की कार्य संस्कृति बनती है और एक ईमानदार अधिकारी सैकड़ों कर्मचारियों को सही दिशा में ले जाता है।

संवाद कार्यक्रम में कुशल चौधरी, हरकंवर माली,राजश्री पारीक, मुकेश कीर,नेहा जैन और आनन्द पटेल ने राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी के सफर और व्यक्तिगत अनुभव मुख्यमंत्री के साथ साझा किए। प्रदेश में पेपर लीक पर लगाम लगाने और समय से भर्ती परीक्षाएं आयोजित कर नियुक्ति देने के लिए सभी नवनियुक्त लोकसेवकों ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त किया।

मुख्य सचिव वी.श्रीनिवास ने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के निर्देशन में राज्य सरकार प्रदेश को कृषि क्षेत्र में अग्रणी,औद्योगिक निवेश का केन्द्र,हरित ऊर्जा एवं पर्यटन का वैश्विक केन्द्र बनाने की दिशा में पूर्ण प्रतिबद्धता से कार्य कर रही है।आमजन की परिवेदनाओं का भी समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण समाधान किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने संवाद कार्यक्रम में नवनियुक्त लोक सेवकों को सुशासन की शपथ दिलवाई। इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा,महानिदेशक हरीशचन्द्र माथुर,राजस्थान राज्य लोक प्रशासन संस्थान श्रेया गुहा, अतिरिक्त मुख्य सचिव गृह भास्कर ए.सावंत,प्रमुख शासन सचिव वित्त वैभव गालरिया,शासन सचिव कार्मिक अर्चना सिंह अन्य प्रशासनिक अधिकारी व राजस्थान राज्य एवं अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा-2023 के चयनित लोक सेवक उपस्थित थे।