यात्री और माल ढुलाई से बढ़ी कमाई,उत्तर पश्चिम रेलवे ने बनाया नया कीर्तिमान

  • उत्तर पश्चिम रेलवे का स्थापना के बाद अब तक का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन
  • फरवरी 2026 तक 7810 करोड़ रुपये का सकल राजस्व अर्जित

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),यात्री और माल ढुलाई से बढ़ी कमाई,उत्तर पश्चिम रेलवे ने बनाया नया कीर्तिमान। उत्तर पश्चिम रेलवे ने अपनी स्थापना के बाद चालू वित्त वर्ष में आय के मामले में सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करते हुए फरवरी 2026 तक 7810 करोड़ रुपये का सकल राजस्व अर्जित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया है।

उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार फरवरी 2026 तक प्राप्त 7810 करोड़ रुपये का सकल राजस्व पिछले वर्ष की समान अवधि के 7212 करोड़ रुपये (वित्त वर्ष 2024-25) की तुलना में 8.30 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने बताया कि महाप्रबंधक अमिताभ के कुशल मार्गदर्शन में रेलवे ने यात्री आय,अन्य कोचिंग आय,टिकट चेकिंग राजस्व,पार्सल आय,गैर-किराया आय तथा पार्किंग राजस्व सहित लगभग सभी मदों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की है।

उन्होंने बताया कि फरवरी 2026 तक यात्री आय 3374 करोड़ रुपये रही,जो पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से 9.76 प्रतिशत अधिक है। इसी प्रकार अन्य कोचिंग आय 330 करोड़ रुपये दर्ज की गई जो पूर्व के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से 5.77 प्रतिशत अधिक है।

डीलरशिप दिलाने के नाम पर पांच लाख ऐंठे

इसके अलावा गैर-किराया राजस्व 16.56 करोड़ रुपये रहा,जो वर्ष 2024-25 के 14.90 करोड़ रुपये के पिछले सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन से अधिक है। पार्किंग राजस्व 8.11 करोड़ रुपये रहा,जो पिछले वर्ष के 7.48 करोड़ रुपये की तुलना में लगभग 24.1 प्रतिशत अधिक है।

उन्होंने बताया कि माल ढुलाई के क्षेत्र में भी रेलवे ने बेहतर प्रदर्शन किया है। फरवरी 2026 तक 27.382 मिलियन टन माल लदान किया गया,जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 4.09 प्रतिशत अधिक है। इससे 3440 करोड़ रुपये का मालभाड़ा राजस्व प्राप्त हुआ, जो पिछले वर्ष से 5.49 प्रतिशत अधिक है।

स्पेशल ट्रेनों के संचालन से भी बढ़ा राजस्व
यात्रियों की सुविधा और राजस्व वृद्धि के लिए रेलवे द्वारा समय- समय पर विभिन्न त्योहारों और विशेष अवसरों पर स्पेशल ट्रेनों का संचालन किया जाता है। इसके लिए विभिन्न मार्गों पर यात्री भार,प्रतीक्षा सूची और मांग का निरंतर विश्लेषण किया जाता है।

टिकट चेकिंग व पार्सल आय में भी बढ़ोतरी
इस अवधि में टिकट चेकिंग से 67.39 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ,जो वर्ष 2023-24 के 63.22 करोड़ रुपये के पिछले सर्वश्रेष्ठ आंकड़े से अधिक है। पार्सल राजस्व 72.85 करोड़ रुपये रहा,जो वर्ष 2015-16 के 70.56 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड को पार कर गया।