भविष्य के प्रशासकों ने आईआईटी जोधपुर का किया अवलोकन
- आईआईटी जोधपुर में आईएएस प्रशिक्षुओं का स्वागत
- अत्याधुनिक अनुसंधान,नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और सतत परिसर देखा
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),भविष्य के प्रशासकों ने आईआईटी जोधपुर का किया अवलोकन। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान जोधपुर (आईआईटी) का लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA),मसूरी के 2025 बैच के भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) प्रशिक्षुओं के एक दल ने विंटर स्टडी टूर (WST) के अंतर्गत भ्रमण किया। इस मौके पर युवा प्रशासकों को देश के अग्रणी प्रौद्योगिकी और नवाचार संस्थानों में से एक के साथ संवाद का अवसर मिला तथा उन्हें राष्ट्र निर्माण में उन्नत अनुसंधान और शिक्षा की भूमिका के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त हुई।
भ्रमण पर आए प्रशिक्षु अधिकारियों में जयकुमार शंकर आडे, सिद्धार्थ पोखरा (एसोसिएट ग्रुप लीडर),सौम्या मिश्रा, सरन्या एस,मोहम्मद शौकत अजीम,ईशांत जायसवाल,हेमंत,अरविंद राधाकृष्णन, अपूर्वा सिंह तथा नम्रता अग्रवाल (ग्रुप लीडर) शामिल थे। प्रतिनिधिमंडल ने आईआईटी जोधपुर के निदेशक प्रो. अविनाश कुमार अग्रवाल से भेंट की। इस अवसर पर प्रो.अग्रवाल ने अधिकारियों को संस्थान के विज़न, शैक्षणिक पारिस्थितिकी तंत्र और भारत के तकनीकी भविष्य को आकार देने में इसकी बढ़ती भूमिका के बारे में जानकारी दी।
उन्होंने संस्थान के उच्च प्रशिक्षित मानव संसाधन,अंतर्विषयी अनुसंधान संस्कृति और अत्याधुनिक सुविधाओं पर प्रकाश डाला,जो विभिन्न क्षेत्रों में नवाचार को प्रोत्साहित करती हैं।प्रो.अग्रवाल ने इन अधिकारियों को आईआईटी जोधपुर परिसर के विशिष्ट पारिस्थितिक परिवेश से भी परिचित कराया और परिसर में पाई जाने वाली समृद्ध वनस्पति और जीव-जंतु विविधता के साथ-साथ सतत विकास और पर्यावरण संरक्षण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता के बारे में बताया।
मोलिक्यूलर बायोलॉजी टेकनिक्स एंड बेसिक जेनेटिक डेटा इंटरप्रेटेसन का प्रशिक्षण
उन्होंने संस्थान में स्थापित सेंटर ऑफ एक्सीलेंस,उन्नत प्रयोगशालाओं तथा कृत्रिम बुद्धिमत्ता,डिजिटल प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा,सतत विकास और उन्नत विनिर्माण जैसे राष्ट्रीय प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में चल रही विभिन्न अनुसंधान पहलों के बारे में भी जानकारी दी। इस अवसर पर प्रशिक्षु आईएएस अधिकारी ने परिसर की विभिन्न सुविधाओं का अवलोकन किया,जिनमें स्कूल ऑफ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड डेटा साइंस के अंतर्गत स्थापित कॉग्निटिव इंजीनियरिंग प्रयोगशाला भी शामिल थी। यहां उन्हें मानव- एआई अंतःक्रिया,बुद्धिमान प्रणालियों और संज्ञानात्मक प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में किए जा रहे अग्रणी शोध कार्यों से अवगत कराया गया।
प्रशिक्षु अधिकारियों ने आनंद राठी टिंकरर्स प्रयोगशाला का भी भ्रमण किया, जो छात्रों में रचनात्मकता,डिजाइन थिंकिंग और व्यावहारिक समस्या समाधान की क्षमता को विकसित करने वाला एक सशक्त नवाचार मंच है। प्रशिक्षुओं ने संकाय सदस्यों के साथ संवाद किया और जाना कि ऐसे मंच किस प्रकार छात्रों को अपने विचारों को प्रोटोटाइप और तकनीकी समाधानों में परिवर्तित करने के लिए प्रेरित करते हैं।
इसके अतिरिक्त,अधिकारियों ने आईआईटी जोधपुर की खेल सुविधाओं का भी अवलोकन किया, जिससे उन्हें छात्रों के समग्र विकास और कल्याण के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता की झलक मिली। उन्होंने परिसर के प्राकृतिक परिवेश का भी अनुभव किया और उसकी जैव विविधता तथा सतत नियोजन की सराहना की,जो आईआईटी जोधपुर परिसर को प्रौद्योगिकी, प्रकृति और नवाचार का अद्वितीय संगम बनाते हैं।
इस यात्रा से प्रशिक्षु आईएएस अधिकारियों को यह समझने का अवसर मिला कि किस प्रकार अग्रणी शैक्षणिक संस्थान वैज्ञानिक प्रगति,नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र और कुशल मानव संसाधन के विकास में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं,जो भारत की समावेशी विकास और तकनीकी नेतृत्व की आकांक्षाओं के लिए अत्यंत आवश्यक हैं।
कार्यक्रम का समापन विचारों के उत्साहपूर्ण आदान-प्रदान के साथ हुआ,जिसमें प्रशिक्षु अधिकारियों ने आईआईटी जोधपुर की सशक्त अनुसंधान संस्कृति और दूरदर्शी नवाचार पारिस्थितिकी तंत्र की सराहना की,जो भारत के ज्ञान और नवाचार परिदृश्य को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
