लघु उद्योग भारती ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखी उद्योगों से संबंधित प्रमुख समस्याएं व सुझाव
- पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव 2026।
- उद्यमियों के व्यावहारिक समस्याओं के निस्तारण की रखी मांग
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),लघु उद्योग भारती ने मुख्यमंत्री के समक्ष रखी उद्योगों से संबंधित प्रमुख समस्याएं व सुझाव। पश्चिमी राजस्थान उद्योग हस्तशिल्प उत्सव के उद्घाटन समारोह में शिरकत करने आए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को लघु उद्योग भारती की ओर से उद्योगों से संबंधित प्रमुख समस्याओं एवं सुझावों से अवगत कराया। मुख्य मंत्री ने भी लघु उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए हर संभव सहयोग का विश्वास दिलाया।
लघु उद्योग भारती के अखिल भारतीय कार्यकारिणी सदस्य शांतिलाल बालड ने संस्थान की ओर से प्रतिवेदन प्रस्तुत किया,जिसमें उन्होंने बताया कि राजस्थान में सौर ऊर्जा का काफी बड़ा स्कोप है और सोलर ऊर्जा के लिए लगने वाली सोलर पैनल और सोलर सेल प्रदेश के बाहर बनते हैं। हाल ही में मध्य प्रदेश सरकार ने सोलर पैनल और सोलर सेल के निर्माण की दिशा में कारगर कदम उठाए हैं।
राज्य सरकार भी यदि इस दिशा में कार्य करती है तो युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। लघु उद्योग भारती ने होटल एवं रिर्सोट उद्योग के लिये सोलर सिस्टम मे नेट मीटरिंग अवधि को एक माह से बढ़ाकर एक वर्ष करने,दलदली/परती भूमि पर सोलर प्लांट स्थापना के लिए स्वीकृति प्रदान करने, पॉवरलूम सेक्टर दक्षिण भारत एवं महाराष्ट्र की तर्ज पर विकसित करने,बालोतरा,पाली एवं जोधपुर औद्योगिक क्षेत्रों के ट्रीटेडएफ्लूंएट के स्थाई निस्तारण के लिए डीपसी डिस्चार्ज पाइपलाइन परियोजना की रिपोर्ट तैयार करवाने व राज्यस्तरीय समिति गठन करने,कृषि भूमि के रूपान्तरण के पश्चात् म्यूटेशन भरवाने की प्रक्रिया पुनः प्रारम्भ करने,रिप्स् योजना के अन्तर्गत ब्याज अनुदान में प्लांट व मशीनरी के साथ होटल व रिर्सोट के भवन को भी जोड़ने,भवन एवं अन्य सनिर्माण कर्मकार (विनिमय एवं सेवा शर्तें) अधिनियम,1996 एवं भवन एवं अन्य सनिर्माण कर्मकार कल्याण उपकार अधिनियम,1996 के अन्तर्गत पंजीयन एवं उपकर राशि जमा कराने की मांग रखी।
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इन समस्याओं की ओर भी ध्यान करवाया आकर्षित
लघु उद्योग भारती ने मुख्यमंत्री से राजस्थान में अंतर्राज्यीय कृषि जिंसों पर कृषि मंडी कर समाप्त करने एवं राज्य में लागू अत्यधिक कृषि मंडी कर राहत प्रदान करने,रीको द्वारा भूखण्डों पर आरक्षित दरों में की गयी वृद्धि वापस लेने,आंवटित भूखण्ड पर केवल वास्तविक कीमत पर ही स्टॉम्प ड्यूटी लगाने,रीको द्वारा आंवटी/पट्टेदारों पर मध्यवर्ती अनुक्रमों की पालना नही करने पर लगायी जाने वाली शस्ति से राहत प्रदान करने,राईजिंग राजस्थान योजना के अन्तर्गत प्रत्यक्ष आंवटन योजना से प्रदत्त भूखण्डों मे मूलभूत सुविधाऐं उपलब्ध करवाने एवं समस्याओं के निस्तारण करने, भूखण्ड संख्या एफ-73 औद्योगिक क्षेत्र मेडिकल डिवाईस पार्क बोरानाडा जोधपुर के आवंटन करने, नये उद्योगों की स्थापना करने पर विद्युत विभाग द्वारा अस्थायी विद्युत कनेक्शन पर ली जाने वाली 50 प्रतिशत अतिरिक्त राशि से मुक्ति दिलाने,राजस्थान के उद्योगों के लिये विद्युत संबंध मे कैटेगरी मे बदलाव करने,बीकानेर (लूणकरणसर), बालोतरा (थोब)एवं बाड़मेर की सैलेनाइट खानों के पुनः संचालन करने,प्रदूषण नियंत्रण से संबधित मामलो मे उद्यमियों द्वारा नियमों की अनुपालना नही करने पर क्लोजर प्रदान करने।उद्योग इकाई में मशीनरी मे आंतरिक परिवर्तन हेतु सीटीओ/सीटीई के लिये पुनः आवेदन की आवश्यकता के स्थान पर केवल सूचना देकर कोरिजेंडम जारी किये जाने सहित कई समस्याओं को रखा।
