भुज-दिल्ली एक्सप्रेस हाउसफुल
- 100 प्रतिशत से अधिक ऑक्यूपेंसी दर्ज
- रेल मंत्री ने 22 मई को दिखाई थी हरी झंडी
- 24 से 27 मई तक आवागमन में ट्रेन की सभी सीटें भरी रही
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),भुज-दिल्ली एक्सप्रेस हाउसफुल। हाल ही में प्रारंभ की गई नई ट्रेन भुज-दिल्ली एक्सप्रेस रेलवे की उम्मीदों पर पूरी तरह खरा उतर रही है। ट्रेन संचालन के शुरुआती दिनों में ही यह ट्रेन हाउसफुल चल रही है तथा लगातार 100 प्रतिशत से अधिक ऑक्यूपेंसी दर्ज की जा रही है। इससे साफ है कि यात्रियों को इस नई ट्रेन का लंबे समय से इंतजार था।
ट्रेन संख्या 19403 भुज- दिल्ली एक्सप्रेस वाया जालोर-पाली मारवाड़ को यात्रियों का शानदार रिस्पांस मिल रहा है। संचालन के शुरुआती दिनों में ही ट्रेन में उच्चऑक्यूपेंसी दर्ज होने लगी। गत 24 मई से 27 मई तक लगातार 100 प्रतिशत से अधिक ऑक्यूपेंसी दर्ज होना यात्रियों के बढ़ते विश्वास और ट्रेन की लोकप्रियता को दर्शाता है।
पुलिस पर गाड़ी को जान बूझकर टक्कर मारने का आरोप,दो की मौत
इसी प्रकार वापसी में संचालित ट्रेन संख्या 19404 दिल्ली-भुज एक्सप्रेस में भी यात्रियों की भारी डिमांड देखने को मिल रही है। इस ट्रेन में भी 100 प्रतिशत से अधिक ऑक्यूपेंसी दर्ज की गई है। ग्रीष्मावकाश के दौरान प्रारंभ की गई यह प्रतिदिन संचालित नई ट्रेन यात्रियों के लिए बड़ी राहत बनकर उभरी है तथा उन्हें सुविधा जनक एवं सुखद सफर उपलब्ध करवा रही है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार नई ट्रेन के संचालन के मात्र चार दिनों के आंकड़ों में ही आवागमन ऑक्यूपेंसी 100 प्रतिशत से अधिक दर्ज होना इसकी उपयोगिता,मांग और यात्रियों के बीच बढ़ती लोकप्रियता को प्रमाणित करता है। रेलवे का मानना है कि आगामी दिनों में भी इस रेलसेवा में यात्रियों की अच्छी मांग बनी रहेगी।
राजस्थान,गुजरात और दिल्ली के बीच रेल कनेक्टिविटी:-
उल्लेखनीय है कि 22 मई को रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने स्वयं जालोर रेलवे स्टेशन से इस नई ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया था। यह ट्रेन राजस्थान,गुजरात और दिल्ली के बीच बेहतर रेल कनेक्टिविटी प्रदान करने के साथ-साथ यात्रियों को आरामदायक यात्रा सुविधा उपलब्ध करवा रही है। खास बात यह है कि जालोर को पहली बार जयपुर और दिल्ली से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिली है,जिससे जालोर एवं निकटवर्ती क्षेत्रों के हजारों यात्रियों को सीधा लाभ मिल रहा है।
