भगत की कोठी यार्ड में 6 पुराने टर्नआउट बदले
अब मुख्य लाइन पर ट्रैक ज्यादा मजबूत
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),भगत की कोठी यार्ड में 6 पुराने टर्नआउट बदले। भगत की कोठी रेलवे यार्ड में ट्रैक को मजबूत बनाने का महत्वपूर्ण काम पूरा किया गया है। रेलवे ने टी-28 मशीन की मदद से छह पुराने 52 किलो के टर्नआउट बदलकर 60 किलो के नए टर्नआउट लगाए हैं। टर्नआउट वह हिस्सा होता है, जहां से ट्रेन एक रेल लाइन से दूसरी लाइन पर जाती है।
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इस काम के बाद भगत की कोठी-लूनी-मारवाड़ जंक्शन मुख्य रेल मार्ग पर अब 52 किलो का एक भी पुराना टर्नआउट नहीं बचा है। इससे इस व्यस्त रेल मार्ग की ट्रैक संरचना और मजबूत हुई है।
मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार नए 60 किलो के टर्नआउट पुराने टर्नआउट की तुलना में अधिक मजबूत और टिकाऊ हैं। इससे ट्रैक की मजबूती बढ़ेगी, रखरखाव में सुविधा होगी और ट्रेनों का संचालन अधिक सुरक्षित व सुगम बनाने में मदद मिलेगी।
डीआरएम के अनुसार यह काम ट्रैक को आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। खासकर भगत की कोठी जैसे व्यस्त यार्ड में ट्रैक संरचना मजबूत होने से रेल परिचालन की विश्वसनीयता और सुरक्षा को फायदा मिलेगा।
ट्रेनों की आवाजाही के बीच किया काम
भगत की कोठी यार्ड में दिनभर ट्रेनों की आवाजाही रहती है। ऐसे में काम के लिए भारी सामग्री को कई चलती रेल लाइनों के बीच से पहुंचाना और सीमित जगह में मशीन से पुराने टर्नआउट बदलना बड़ी चुनौती थी।
रेलवे की इंजीनियरिंग टीम ने परिचालन और विद्युत विभाग के साथ बेहतर तालमेल कर ट्रेनों की आवाजाही को प्रभावित किए बिना काम पूरा किया। इस उपलब्धि के लिए डीआरएम ने इंजीनियरिंग विभाग की कार्यकुशलता की सराहना की।
