बाल स्वास्थ्य पर देश-विदेश के विशेषज्ञों के 146 शोध पत्र प्रस्तुत  

बाल स्वास्थ्य पर देश-विदेश के विशेषज्ञों के 146 शोध पत्र प्रस्तुत

कौमारकॉन-2023

जोधपुर,बाल स्वास्थ्य पर देश-विदेश के विशेषज्ञों के 146 शोध पत्र प्रस्तुत। डॉ.सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर के कुलपति प्रो.(वैद्य)प्रदीप कुमार प्रजापति के मार्गदर्शन में बालरोग विभाग द्वारा आयोजित तीन दिवसीय बाल स्वास्थ्य विषयक अन्तर्राष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस ‘कौमारकॉन-2023 के दूसरे दिन का शुभारंभ आईटीआरए जाम नगर के पूर्व विभागाध्यक्ष कल्पना एस पटेल,राष्ट्रीय आयुर्वेद संस्थान,जयपुर के पूर्व विभागाध्यक्ष श्रीकृष्ण खांडल, श्रीलंका के वरिष्ठ व्याख्याता डॉ.एस. के.किंगशीला मनोहरी एवं आयोजन समिति के अध्यक्ष तथा डीन रिसर्च प्रो.प्रेमप्रकाश व्यास ने धनवंतरी के चित्र के समक्ष दीपप्रज्वलन कर किया।

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शिशुओं में रसौषधि के प्रयोग संबंधी सावधानी विषय पर नवीन शोध पत्र प्रस्तुत
प्रथम प्लेनरी सेशन में प्रो.कल्पना एस पटेल की अध्यक्षता में बनारस हिन्दू विश्विद्यालय के प्रो.बीएस सिंह ने भविष्य मुखी नवजात शिशु देखभाल, अखिल भारतीय आयुर्वेद संस्थान,नई दिल्ली के विभागाध्यक्ष प्रो.राजगोपाल एस.ने बालरोग में पंचकर्म कीभूमिका, उत्तराखण्ड के पद्मश्री वैद्य बालेन्दु प्रकाश ने शिशुओं में अस्थमा रोग की चिकित्सा एवं डॉ.एस के किंगशीला मनोहरी ने शिशुओं में रसौषधि के प्रयोग संबंधी सावधानी विषय पर नवीन शोध पत्र प्रस्तुत किए। सत्र के अंत में विशेष अतिथि प्रो.खांडल ने अपने अनुभव साझा किये,जिसके उपरांत को-चेयरपर्सन प्रो.प्रेमप्रकाश व्यास ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापित किया। सत्र का मंच संचालन डॉ.राजाराम अग्रवाल ने किया।

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हालिया शोध विषय पर व्याख्यान 
दूसरे प्लेनरी सत्र में जापान केआयुर्वेद विशेषज्ञ प्रो.हरिशंकर शर्मा की अध्यक्षता में नडियाद,गुजरात के डॉ. नारायण सहाय ने शिशुओं में होने वाली मूत्रजन्य रोगों की चिकित्सा प्रबंधन,राजीव गाँधी राजकीय आयुर्वेद संस्थान,पपरोला,हिमाचल प्रदेश के विभागाध्यक्ष प्रो.राकेश कुमार शर्मा ने शिशुओं की आयुर्वेद चिकित्सा के अवसर एवं चुनौतियां,तिरुवनन्तपुरम के प्रो.रोशनीअनिरुद्धन ने मस्कुलर डिस्ट्रॉफार्म में पंचकर्म की भूमिका, भारतीय विद्यापीठ,पुणे के प्रो.राहुल गुजराती ने आयुर्वेद के माध्यम से बाल श्वसन चिकित्सा में प्रगति और हालिया शोध विषय पर अपने व्याख्यान दिए। द्वितीय प्लेनरी सत्र के विशिष्ट अतिथि उदयपुर आयुर्वेद महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो.महेश दीक्षित ने अपने अनुभव साझा किये। सत्र का मंच संचालन डॉ.रश्मि शर्मा ने किया।

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14 विशिष्ट वक्ताओं का व्याख्यान
कौमारकॉन-2023 आयोजन अध्यक्ष प्रो.व्यास के बताया कि कॉन्फ्रेंस के दूसरे दिन प्लेनरी सत्र में 9 कीनोट स्पीकर एवं 7 वैज्ञानिक सत्रों में 14 विशिष्ट वक्ताओं द्वारा व्याख्यान दिया गया एवं 150 विशेषज्ञ एवं अध्येताओं ने नवीन शोध पत्रों का वाचन किया। प्लेनरी सत्र के साथ चल रहे वैज्ञानिक सत्रों में प्रो.कमलेश शर्मा प्रो.वीसी ज्योतिविद्या पीठ जयपुर,प्रो.नवप्रभात लाल,मुक्तसर,प्रो.शंभूदयाल शर्मा,डॉ. वेंकट जोशी,इन्दौर के प्रो. देवकी नंदन शर्मा,प्रो.लक्ष्मीश उपाध्याय चेयरपर्सन थे।

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राजस्थानी संस्कृति से करवाया रूबरू
कौमारकॉन-2023 के आयोजन सचिव डॉ.हरीश सिंघल ने बताया कि वैज्ञानिक सत्रों के पश्चात्वि देशी पावणों एवं अतिथियों को राजस्थानी संस्कृति से रूबरू करवाने के लिए विश्वविद्यालय के विद्यार्थियों द्वारा सांस्कृतिक संध्या का आयोजन भी किया गया,जिसके अंतर्गत स्नातकोत्तर अगदतंत्र विभाग द्वारा नशा मुक्ति पर नुक्कड़ नाटक, स्नातकोत्तर स्वस्थ वृत्त विभाग द्वारा संगीतमय योग की प्रस्तुति व अन्य कार्यक्रम प्रस्तुत किये गए। सांस्कृतिक कार्यक्रमों के साथ-साथ प्रश्नोत्तरी प्रतियोगिता भी रखी गई। सांस्कृतिक संध्या का मंच संचालन डॉ. मोनिका वर्मा ने किया।

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