सीखे गए कौशल को बनाएं रोजगार का जरिया-मेवाड़ा
स्काउटगाइड ग्रीष्मकालीन कौशल विकास शिविर का समापन
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),सीखे गए कौशल को बनाएं रोजगार का जरिया- मेवाड़ा। राजस्थान राज्य भारत स्काउट गाइड द्वारा आयोजित एक माह के जिला स्तरीय ग्रीष्मकालीन कौशल विकास एवं अभिरुचि शिविर का समापन बुधवार को हुआ। समाजसेवी सुरेंद्र मेवाड़ा ने कहा कि शिविर में विकसित कौशल को व्यवस्थित रूप से रोजगार में बदलकर जीविकोपार्जन का जरिया बनाया जा सकता है।
यह शिविर सीओ गाइड निशु कंवर की अगुवाई में राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय शाहपुरा कुड़ी भगतासनी में आयोजित हुआ। सहायक राज्य संगठन आयुक्त छत्तर सिंह पीडीयार के निर्देशन में जोधपुर और फलोदी जिले के 5 से 60 वर्ष तक के युवक-युवतियों ने भाग लिया।
शिविर में कंप्यूटर विज्ञान व कृत्रिम बौद्धिकता,स्पोकन इंग्लिश,विदेशी भाषा ज्ञान, चित्रकला,मेहंदी,टेलरिंग- एंब्रायडरी,ब्यूटीशियन, आत्मरक्षा सहित 16 से अधिक विधाओं का प्रशिक्षण दिया गया।
जिला सचिव डॉ.बीएल जाखड़ ने बताया कि वरिष्ठ स्काउटर परसराम पटेल व प्रधानाचार्य सोहनलाल सारण के समन्वयन तथा राष्ट्रीय प्रशिक्षक शकुंतला पांडे,कांता शर्मा के मार्गदर्शन में भंवर लाल पालीवाल,पंकज धवन, पुखराज सुथार,पवनी, मानसिंह,श्रवण दान, अनीता राठौर,मूलाराम व प्रकाश शर्मा ने प्रशिक्षण दिया।
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समापन समारोह में संभागियों ने कौशल प्रदर्शन किया। कक्षा 12 की छात्रा ललिता गोस्वामी ने धारा प्रवाह अंग्रेजी में विचार रखे और बताया कि एक माह के प्रशिक्षण से उसे यह आत्मविश्वास मिला है। राजस्थानी व पाश्चात्य नृत्य,आत्मरक्षा, परिधान प्रतियोगिता के प्रदर्शन ने अतिथियों व अभिभावकों का मन मोह लिया। अतिथियों ने कौशल आधारित प्रदर्शनी का भी अवलोकन किया।
अभिभावकों ने मांग की कि ऐसे शिविर साल में *दो बार हों, अवधि बढ़ाई जाए और सूर्य नगरी में कम से कम 10 शिविर समानांतर लगें। डॉ.जाखड़ ने आश्वासन दिया कि ग्रीष्म व शीत अवकाश में विद्यालय परिसर उपलब्ध होने पर ऐसे शिविर आयोजित करने का प्रयास होगा।
भामाशाहों ने विजेताओं को स्मृतिचिन्ह व स्कार्फ देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम का संचालन राष्ट्रीय प्रशिक्षक कांता शर्मा ने किया।
