तीन दिवसीय मृदा एवं जल जांच प्रशिक्षण सम्पन्न

तीन दिवसीय मृदा एवं जल जांच प्रशिक्षण सम्पन्न

  • पानी सुरक्षा,गुणवत्ता व सरंक्षण के वैज्ञानिक उपाय बताए
  • कृषक महिलाओं,पुरूषों एवं युवा वर्ग को तीन दिन मिटटी-पानी परिक्षण व प्रबंधन की विस्तार पूर्वक जानकारी दी
  • मिटटी में पाये जाने वाले तत्वों एवं तत्वों की कमी से होने वाले रोगों के बारे में विस्तार से चर्चा की

हरिद्वार,जिले के गाजीवली गांव में मृदा एवं जल स्वच्छता को बनाए रखने के लिए उत्कर्ष नव चेतना व उत्थान संस्था द्वारा संचालित व राष्ट्रीय विज्ञान एवं संचार परिषद द्वारा वित्त पोषित परियोजना ’’मिट्टी और पानी की गुणवत्ता की सुरक्षा के लिए विज्ञान संचार’’ में हरिद्वार जिले के ब्लाक बहादराबाद के अन्तर्गत पानी एवं मिटटी प्रबंधन की आवश्यकता को देखते हुए पानी सुरक्षा,गुणवत्ता व सरंक्षण के वैज्ञानिक उपायों के लिए स्थानीय कृषक महिलाओं,पुरूषों एवं युवा वर्ग को तीन दिवसीय मिटटी पानी परिक्षण एवं प्रबंधन के विषय में विस्तार पूर्वक समझाया गया। यह भी बताया गया कि किस प्रकार इस कार्यक्रम को आगे भी जारी रखा जाएगा। प्रशिक्षण उपरान्त किस प्रकार इसे आगे भी जारी रखा जाएगा इस पर चर्चा की,महिलांओं और किसानों के माध्यम से लक्षित क्षेत्र के युवा हितधारकों के बीच जल एवं मिटटी के प्रति विज्ञान साक्षरता के माध्यम से जल संरक्षण एवं मृदा व जल परीक्षण,जल में पाये जाने वाले यौगिकों के बारे में विस्तार से बताया। डाॅ अरूण शर्मा द्वारा अपने वक्तव्य में बताया कि पेयजल को धरेलू स्तर पर भी किस प्रकार से शुद्ध किया जाए एवं इसका स्वयं द्वारा किस प्रकार परिक्षण किया जाए इसे प्रशिक्षित कर समझाया गया। जल को स्वच्छ एवं स्वास्थ्य के बीच संबन्ध तथा मिटटी में पाये जाने वाले तत्वों एवं तत्वों की कमी से होने वाले रोगों के बारे में विस्तार से चर्चा की। मिट्टी की घट रही गुणवत्ता को बढाने के तरीकों को साझा किया। मिटटी जांच व सीखने के लिए जागरूकता की दृष्टि से मिट्टी व पानी की गुणवत्ता व स्वच्छता बनाए रखना आवश्यक है। इसके लिए मिट्टी व पानी की गुणवत्ता की सुरक्षा के लिए स्थानीय किसानों व महिलाओं दक्ष बनाकर व समुदाय को जागरूक करने हेतु बुधवार को ग्राम गाजीवली, हरिद्वार में तीन दिवसीय मृदा एवं जल जाॅच प्रशिक्षण सम्पन्न हुआ।

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प्रशिक्षण के दौरान 32 स्थानीय युवा किसान वर्ग एवं महिलांए उपस्थित थी। उन्हें मिट्टी व पानी की गुणवत्ता की समय-समय पर जांच करवाने और अन्य किसानों और महिलाओं को मिटटी पानी जांच के लिए उत्प्रेरित करना इसमें संदर्भ व्यक्ति डाॅ संजीव कुमार कृषि विशेषज्ञ,डाॅ.अरूण शर्मा पर्यावरण वैज्ञानिक,जल जांच विशेषज्ञ डाॅ.दीप शिखा शर्मा,मृदाजांच विषेशज्ञ परियोजना समन्वय राजीव चन्द्र, पंकज चावला एवं कमलेश कोहली इत्यादि उपस्थित थे। जिन्होंने जल एवं मृदा पर अपने व्याख्यान दिये। कार्यक्रम में उपस्थित सहभागियों के नाम हरीश चन्द्र डुंगरीयाल,सुरेश कुमार,रविन्द्र कुमार,प्रमोद कुमार ममता आदि उपस्थित थे।

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