प्रोफेसर पर छात्राओं के आरोप निकले सही

प्रोफेसर पर छात्राओं के आरोप निकले सही

  • एमबीएम इंजीनियरिंग कॉलेज का मामला
  • रातानाडा थाने में अब हुआ केस दर्ज -जांच आरंभ
  • एमबीएम इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी का प्रोफेसर करता था छेड़छाड़ व गंदे मैसेज
  • कमेटी ने कुलपति को सौंपी थी जांच रिपोर्ट

जोधपुर,प्रोफेसर पर छात्राओं के आरोप निकले सही। शहर के मगनी राम बांगड़ मेमोरियल इंजीनियरिंग यूनिवर्सिटी का एक प्रोफेसर लड़कियों के कपड़ों को लेकर गंदे-गंदे कमेंट करता था। कई बार तो वह लड़कियों को गंदे इरादे से छूता भी था। रात में लॉन्ग ड्राइव-शराब पार्टी में चलने के लिए मैसेज भी करता था। उसकी बातों को नहीं मानने वालों को धमकाता भी था। कहता था तुम मेरा कुछ भी नहीं बिगाड़ पाओगे। छात्राओं से छेडख़ानी को बनी कमेटी ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट सौंपी थी। छात्राओं की ओर से प्रोफेसर पर छेडख़ानी और यौन शोषण के आरोप लगाए गए थे। इन आरोपों को कमेटी ने सही माना था। विवि छात्र-छात्राओं की तरफ से इस बारे में रातानाडा थाने में गत दिनों लिखित में परिवाद दिया गया था। इस पर अब प्रोफेसर के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। जांच एसआई भंवरसिंह की तरफ से की जा रही है।

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कुलपति अजय कुमार शर्मा ने कमेटी की ओर से दी रिपोर्ट को लेकर कहा सभी आरोप सत्य पाए गए हैं। छात्राओं की शिकायत में सत्यता है। आरोपी प्रोफेसर को शुक्रवार शाम को ही सस्पेंड कर दिया गया था। गत 21 फरवरी को एक गुमनाम शिकायती लेटर मिलने के बाद मामले की जांच प्रोफेसर जयश्री वाजपेयी की अध्यक्षता में बनी लैंगिक उत्पीडऩ कमेटी को सौंपी गई। इसमें 8 प्रोफेसर को शामिल किया गया। तीन दिन में आई अंतरिम रिपोर्ट में प्रोफेसर पर आरोप सही माने गए। छात्रों के बयान और जांच रिपोर्ट में सामने आया कि प्रोफेसर क्लास के अंदर और बाहर आते-जाते लड़कियों पर गंदी नजर रखता था। इस दौरान वह उनके कपड़ों पर भी कमेंट करता था। इतना ही नहीं स्टूडेंट ने बैड टच का आरोप लगाया। कमेटी की अंतरिम रिपोर्ट में सामने आया कि प्रोफेसर उन्हें गलत तरीके से टच करने के साथ ही हाथ पकड़ लेता था। कई बार बैड टच कर टॉर्चर करता था। सामने आया कि प्रोफेसर रात के समय घर या होटल पर शराब पार्टी करने के लिए बुलाता था। लड़कियों को यह भी कहता था कि मैंने तुम्हें पूरी छूट दे रखी है आप जो मर्जी कर लो। जो लड़कियां उनकी बात मानती थी उन्हें प्रोजेक्ट नहीं जमा करवाने की भी छूट दे देता था। बात नहीं मानने वाले लड़कियों को टॉर्चर करता था। प्रोफेसर लड़कियों पर इतना दबाव बना चुका था कि जैसा वह कहता था, लड़कियां वैसा करती थी। कमेटी को एक लेटर भी मिला-जिसमें सामने आया कि प्रोफेसर क्लास की लड़कियों को लॉन्ग ड्राइव पर चलने के लिए दबाव बनाता था। कहता था जो उसके साथ लॉन्ग ड्राइव पर चलेगी उसे प्रैक्टिकल में ज्यादा नंबर मिलेंगे।

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कई छात्राएं हुई शिकार
जांच में पता चला कि नंबर कम देने और फेल होने के डर से कई बार लड़कियां उसके साथ चली जाती थी। इसी का फायदा उठाकर कर वह उन्हें गलत टच भी करता था। इधर,ऐसी शिकायत सामने आने के बाद कुलपति ने और भी स्टूडेंट्स को खुलकर इस मामले में बोलने के लिए कहा है ताकि कड़ा एक्शन लिया जाए।

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