कलक्टर ने किया प्रादेशिक परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण

  • सड़क सुरक्षा एवं प्रवर्तन कार्यों की विस्तृत समीक्षा
  • दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स पर प्रभावी सुधारात्मक कार्रवाई एवं सड़क सुरक्षा उपायों को सुदृढ़ करने के दिए निर्देश
  • फिटनेस प्रमाण-पत्र समाप्त वाहनों,बकाया एवं मल्टीपल चालान वाले डिफॉल्टर्स तथा मॉडिफाइड वाहनों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई पर दिया जोर
  • कार्यालयीन कार्यों को पूर्णतः डिजिटल करने, ई-फाइलिंग को प्रभावी बनाने एवं लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),कलक्टर ने किया प्रादेशिक परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण। जिला कलक्टर आलोक रंजन ने शुक्रवार को प्रादेशिक परिवहन कार्यालय का औचक निरीक्षण कर कार्यालय की विभिन्न शाखाओं में संचालित कार्यों,सड़क सुरक्षा उपायों,प्रवर्तन गतिविधियों एवं आमजन से संबंधित सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की।

अपराधों पर नियंत्रण प्राथमिकता: पुलिस कमिश्नर

निरीक्षण के दौरान प्रादेशिक परिवहन अधिकारी पीआर जाट, जिला परिवहन अधिकारी मृदुला शेखावत सहित कार्यालय के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित थे।

जिला कलक्टर ने कार्यालय की सड़क दुर्घटना शाखा,प्रवर्तन एवं चालान शाखा,लेखा शाखा तथा लाइसेंस से संबंधित व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों से सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात नियमों की प्रभावी पालना, सार्वजनिक परिवहन वाहनों में सुरक्षा मानकों तथा विभागीय कार्यों के डिजिटलीकरण की प्रगति के संबंध में विस्तृत जानकारी प्राप्त की।

आई-रैड के आधार पर ब्लैक स्पॉट्स की स्थिति की समीक्षा
जिला कलक्टर ने एकीकृत सड़क दुर्घटना डेटाबेस(आई-रैड) के आधार पर जिले में चिह्नित दुर्घटना संभावित ब्लैक स्पॉट्स की जानकारी ली। उन्होंने ब्लैक स्पॉट्स पर अब तक की गई सुधारात्मक कार्रवाइयों,दुर्घटनाओं के कारणों तथा संबंधित विभागों के साथ किए जा रहे समन्वय की समीक्षा की।

उन्होंने निर्देश दिए कि दुर्घटना संभावित स्थलों का नियमित निरीक्षण कर सड़क अभियांत्रिकी से संबंधित कमियों, संकेतकों,प्रकाशव्यवस्था, रिफ्लेक्टर्स एवं अन्य आवश्यक सुरक्षा उपायों को समयबद्ध रूप से दुरुस्त कराया जाए।

चालान प्रकरणों एवं डिफॉल्टर्स के विरुद्ध कार्रवाई की ली जानकारी
निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने चालान से संबंधित पत्रावलियों की जांच की तथा लंबित एवं निस्तारित प्रकरणों की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने ऐसे वाहन स्वामियों के विरुद्ध की गई कार्रवाई की समीक्षा की,जिनके वाहनों पर एक से अधिक चालान लंबित हैं अथवा जो लगातार परिवहन नियमों का उल्लंघन करते हुए डिफॉल्टर की श्रेणी में हैं।

उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि मल्टीपल चालान वाले वाहनों एवं बकायादारों की नियमित सूची तैयार कर नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। साथ ही चालान प्रकरणों का रिकॉर्ड अद्यतन रखने तथा लंबित प्रकरणों का समयबद्ध निस्तारण करने के निर्देश दिए।

फिटनेस प्रमाण-पत्र समाप्त वाहनों के विरुद्ध कार्रवाई के निर्देश
जिला कलक्टर ने व्यावसायिक एवं सार्वजनिक परिवहन वाहनों के फिटनेस प्रमाण-पत्रों की स्थिति की समीक्षा की। उन्होंने फिटनेस अवधि समाप्त होने के बावजूद संचालित वाहनों की संख्या तथा उनके विरुद्ध की गई विभागीय कार्रवाई की जानकारी प्राप्त की।

उन्होंने निर्देश दिए कि बिना वैध फिटनेस प्रमाण-पत्र के संचालित वाहनों की नियमित जांच की जाए तथा ऐसे वाहनों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि यात्रियों एवं अन्य सड़क उपयोगकर्ताओं की सुरक्षा के दृष्टिगत वाहनों के फिटनेस मानकों से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाए।

सार्वजनिक परिवहन बसों में सुरक्षा उपाय सुनिश्चित करने पर जोर
जिला कलक्टर ने सार्वजनिक परिवहन बसों में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किए जा रहे उपायों की जानकारी ली। उन्होंने बसों की फिटनेस, आपातकालीन निकास, अग्निशमन उपकरण, सुरक्षा मानकों एवं अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं की नियमित जांच करने के निर्देश दिए।

उन्होंने कहा कि सार्वजनिक परिवहन वाहनों का निरीक्षण केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहे तथा निर्धारित सुरक्षा मानकों की वास्तविक पालना सुनिश्चित की जाए। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित वाहन संचालकों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

मॉडिफाइड वाहनों एवं नियमों का उल्लंघन करने वालों पर प्रभावी प्रवर्तन के निर्देश
जिला कलक्टर ने अनधिकृत रूप से मॉडिफाइड वाहनों के विरुद्ध की जा रही कार्रवाइयों की समीक्षा की। उन्होंने वाहनों में अवैध परिवर्तन,निर्धारित मानकों के विपरीत लगाए गए उपकरणों तथा सुरक्षा को प्रभावित करने वाले संशोधनों के विरुद्ध नियमित प्रवर्तन अभियान चलाने के निर्देश दिए।

उन्होंने स्पीड गवर्नर, रिफ्लेक्टर्स,अत्यधिक तीव्र एवं चकाचौंध उत्पन्न करने वाली हेडलाइट्स तथा ओवरलोडिंग से संबंधित मामलों की भी समीक्षा की। जिला कलक्टर ने निर्देश दिए कि नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की सघन जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए तथा प्रवर्तन गतिविधियों की प्रभावी मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए।

लाइसेंस प्रक्रिया को पारदर्शी एवं सुगम बनाने के निर्देश
जिला कलक्टर ने ड्राइविंग लाइसेंस जारी करने एवं नवीनीकरण की प्रक्रिया की जानकारी ली। उन्होंने आवेदनों के परीक्षण,ड्राइविंग टेस्ट, दस्तावेजों के सत्यापन तथा प्रकरणों के निस्तारण की प्रक्रिया का अवलोकन किया।

उन्होंने अधिकारियों को लाइसेंस संबंधी सेवाओं में पारदर्शिता, समयबद्धता एवं निर्धारित प्रक्रियाओं की पूर्ण पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आवेदकों को अनावश्यक रूप से कार्यालय के चक्कर नहीं लगाने पड़ें तथा उन्हें प्रक्रिया एवं आवश्यक दस्तावेजों की स्पष्ट जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

कार्यालयीन कार्यों को पूर्णतः डिजिटल करने के निर्देश
जिला कलक्टर ने ई- फाइलिंग व्यवस्था एवं कार्यालयीन कार्यों के डिजिटलीकरण की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि सभी पत्रावलियों एवं कार्यालयीन प्रक्रियाओं को चरणबद्ध रूप से पूर्णतः डिजिटल किया जाए तथा ई-फाइलिंग प्रणाली का प्रभावी उपयोग सुनिश्चित हो।

उन्होंने कहा कि डिजिटल कार्यप्रणाली से पारदर्शिता,जवाबदेही एवं कार्यों के समयबद्ध निस्तारण को बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने लंबित ई-फाइलों की नियमित समीक्षा करने,रिकॉर्ड का सुरक्षित डिजिटलीकरण करने तथा अधिकारियों एवं कर्मचारियों को डिजिटल प्रणाली के प्रभावी उपयोग के लिए आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिला कलक्टर ने लेखा शाखा में संधारित अभिलेखों, राजस्व प्राप्तियों एवं संबंधित वित्तीय कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने लेखा रिकॉर्ड को नियमित रूप से अद्यतन रखने,प्राप्तियों एवं बकाया राशि का समयबद्ध मिलान करने तथा सभी वित्तीय प्रक्रियाओं में पारदर्शिता एवं निर्धारित नियमों की पालना सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान व्यापक स्तर पर चलाने के निर्देश
जिला कलक्टर ने सड़क सुरक्षा के संबंध में विभाग द्वारा संचालित जागरूकता गतिविधियों की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए प्रवर्तन के साथ-साथ जन जागरूकता पर भी विशेष ध्यान दिया जाए।

उन्होंने विद्यालयों, महाविद्यालयों,वाहन चालकों, परिवहन संगठनों एवं आमजन की सहभागिता से अधिकाधिक सड़क सुरक्षा जागरूकता अभियान आयोजित करने के निर्देश दिए। उन्होंने हेलमेट,सीट बेल्ट, निर्धारित गति सीमा, वाहन फिटनेस, ओवरलोडिंग से बचाव तथा यातायात संकेतों की पालना के प्रति लोगों को नियमित रूप से जागरूक करने पर जोर दिया।

Related posts: