बोलीदाताओं को रास आने लगी रेलवे की ई-नीलामी,देश के ग्राहक जुड़े

  • जोधपुर में ई-नीलामी से दो माह में जारी 15 कार्यादेश
  • नीलामी में बढ़ी पारदर्शिता

जोधपुर, बोलीदाताओं को भारतीय रेलवे पर टेंडर की जगह प्रारंभ की गई ई-नीलामी प्रक्रिया रास आने लगी है। इसके तहत उत्तर-पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल पर खुल रहे ई-टेंडर में अब देशभर के बोलीदाता भाग लेने लगे हैं। रेलवे इसे और अधिक पारदर्शी और व्यवस्थित बनाने में जुटा है।

मंडल रेल प्रबंधक गीतिका पांडेय ने बताया कि रेलमंत्री अश्विनी वैष्णव द्वारा भारतीय रेलवे पर घोषित ई-नीलामी को उत्तर-पश्चिम रेलवे जोन में सर्वप्रथम जोधपुर मंडल पर लागू किया गया था जिसके अच्छे परिणाम सामने आने लगे हैं। उन्होंने बताया कि मंडल पर ई-नीलामी लागू होने के बाद पिछले दो माह में रेलवे स्टेशनों पर विज्ञापन और पे एंड यूज के मदों के 15 ठेके ई-नीलामी से किए गए जिससे 22 लाख रुपये का अतिरिक्त राजस्व प्राप्त हुआ।

डीआरएम ने बताया कि जोधपुर मंडल पर इस माह दो महत्वपूर्ण ई-नीलामी होनी हैं जिसके तहत जोधपुर-बांद्रा टर्मिनल सूर्यनगरी सुपरफास्ट एक्सप्रेस में पार्सल वान की ई-नीलामी 7 सितंबर तथा मंडल के जोधपुर, पाली,समदड़ी,जालोर व रानीवाड़ा रेलवे स्टेशनों पर दुपहिया वाहन पार्किंग की ई-नीलामी 14 और 15 सितंबर को खोली जाएगी।

जोधपुर से जुड़े देश के बोलीदाता

रेलवे पर बरसों पुरानी टेंडर प्रक्रिया की जगह ई-नीलामी अस्तित्व में आने के बाद इस प्रक्रिया में स्थानीय बोलीदाताओं के साथ-साथ देशभर के बोलीदाता भी जोधपुर से जुड़कर बोली लगाने लगे हैं। इससे आने वाले समय में न सिर्फ इस प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी बल्कि रेल राजस्व में वृद्धि होगी और कार्यों में भी गुणवत्ता आएगी।

ऑनलाइन नीलामी के माध्यम से ये होगा आसान

डीआरएम के अनुसार रेलवे टेंडर की प्रक्रिया को और अधिक पारदर्शी बनाने और उसके सरलीकरण करने जैसे कई फायदों वाली ई-ऑक्शन यानी ई- नीलामी की प्रक्रिया को अपनाने जा रहा है। उन्होंने बताया कि रेल प्रशासन की ओर से वाणिज्यक आय और गैर किराया राजस्व संबंधी अनुबंध जैसे पार्किंग,एसएलआर लीजिंग,पे एंड यूज,पार्किंग और पब्लिसिटी को ई-ऑक्सन के माध्यम से पूरा करने का निर्णय लिया गया है। उन्होंने बताया कि निविदा की प्रक्रिया को अब ऑनलाइन नीलामी के माध्यम से पूरा किया जाएगा। अब यह निविदाएं ऑनलाइन देखी और वहीं भरी जा सकती हैं।

ऐसे मिलेंगे फायदे

इस प्रक्रिया से होने वाले फायदों की बात करें तो इससे समय की बचत भी होगी,न्यूनतम समय में ऑक्शन कार्य पूरा किया जा सकेगा और पारदर्शिता होने के कारण आपसी विश्वास बढ़ेगा। पूर्व की प्रक्रिया की बात करें तो टेंडर बंद लिफाफे में भेजे जाते थे जिसमें टेंडर जमा करने से लेकर फाइनल होने तक की अलग-अलग तिथियां होती थी। इस प्रक्रिया में काफी समय लगता था,मगर ई-ऑक्शन के जरिए बोलीदाता आनलाइन बोली लगा सकता है। नीलामी की बोली का मूल्य भी हर कोई ऑनलाइन देख सकता है। जबकि बंद लिफाफे में यह मुमकिन नहीं था। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हो गई है।

कहीं भी बैठकर लगा सकेंगे बोली

ई-ऑक्शन के जरिए क्रेताओं को आमंत्रित करने का दायरा भी बढ़ गया है। पहले निविदा की प्रक्रिया के लिए बोलीदाताता को मंडल कार्यालय में आना पड़ता था। मगर अब किसी भी शहर में बैठकर बोली लगाई जा सकती है। इससे रेलवे को अधिक से अधिक बोलीदाताओं को आमंत्रित करना आसान होगा, बल्कि प्रतिस्पर्धा भी बढ़ेगी।

प्रमुख सुविधाओं की हो रही ई-नीलामी

इस व्यवस्था से अब जोधपुर मंडल में भी पार्किंग,एसएलआर लीजिंग, पब्लिसिटी, स्टाल,शौचालय,कार पार्किंग जैसी व्यवस्थाओं का ई-ऑक्शन किया जा रहा है।

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