The 17th anniversary of Brahmalin Mahant Kailashpuri celebrated devoutly

जोधपुर, शहर के निकट जोधपुर-उचियारड़ा हाईवे पर बासनी निकुबा स्थित शिव धुणा नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में ब्रह्मलीन महंत श्रीश्री 1008 कैलाशपुरी की 17वीं बरसी गादीपती महंत लखनपुरी महाराज के पावन सानिध्य में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। बरसी के दौरान सुबह समाधि पूजन, हवन और रुद्राभिषेक के पश्चात दोपहर में महाप्रसादी का आयोजन हुआ। जिसमें महंत प्रकाशपुरी और ममलेश्वरपुरी सहित अनेक संतगण, शिष्यगण और श्रद्धालु शामिल हुए।

महंत लखनपुरी महाराज ने बताया कि 40 वर्ष पूर्व बाबा कैलाशपुरी ने बासनी निकुबा शिव धुणा में नर्मदेश्वर महादेव मंदिर की स्थापना की। 17 वर्ष पूर्व 2004 में समाधिस्थ हो गए।मान्यता है कि जो भी श्रद्धालु श्रद्धा से आकर इनके दर्शन कर यहां परिक्रमा लगाते हैं उनके कष्ट दूर हो जाते हैं और मनोकामनाएं पूर्ण होती है।

इस दौरान प्रेम भारती, भंवर भारती, किशोरसिंह चुंडावत, ओमप्रकाश परिहार, जयसिंह, शिवलाल प्रजापत, सुरेंद्रसिंह,भगाराम प्रजापत, चंदन सिंह,नानकसिंह और जेठु भारती आदि शिष्यगणों ने सेवाएं दी।
शिष्य प्रेम भारती ने बताया कि बरसी से एक दिन पूर्व भक्ति संध्या का आयोजन हुआ। जिसमें भजन गायक राजेंद्र व्यास, पंकज जांगिड़, जगदीश प्रजापत, मंजु डागा, अरुण गुर्जर, तख्तसिंह और महेश ने गुरु महिमा, संत-महात्माओं द्वारा रचित वाणियों सहित देवी-देवताओं के भजनों की मनमोहक प्रस्तुति दी। जिन पर श्रद्धालू भावविभोर होकर भक्ति सरिता में सराबोर नज़र आए।