गोयल हॉस्पिटल में हुआ आईवीसी फिल्टर का सफल ऑपरेशन
जोधपुर, पाली जिले की 65 साल की वृद्ध महिला सांस की गंभीर बीमारी के साथ पाली हॉस्पिटल से रेफर होकर गोयल हॉस्पिटल, जोधपुर आयी। डॉ. कौशल हरलालका कार्डियोलोजिस्ट, गोयल हॉस्पिटल ने सीटी स्कैन जाँच कर यह पता लगाया कि उनके दोनों फेफड़ों की बड़ी नसों में खून के थक्के जम गए हैं, साथ में दाहिने पैर की नस में भी खून जम (डीवीटी) गया है।
कार्डियोलोजिस्ट डॉ. कौशल हरलालका ने तुरन्त प्रभाव से खून पतला करने का इंजेक्शन लगाया (थर्मोबॉयसिस) जिसके उपरान्त मरीज की हालत में सुधार आया। पुन: स्थिति को रोकने के लिए डॉ. कौशल हरलालका ने मरीज के पारिवारिक सदस्यों को बताया कि शरीर की मुख्य नस में आईवीसी फिल्टर लगाया जा सकता है। यह फिल्टर भविष्य में खून के थक्कों को वापस फेफड़ों में जाने से रोकेगा।
डॉ. आनन्द गोयल, निदेशक गोयल हॉस्पिटल ने बताया कि कार्डियोलोजिस्ट डॉ. कौशल हरलालका एवं उनकी टीम ने बहुत ही जटिल आपरेशन पूरा किया एवं अब मरीज को हॉस्पिटल से छुट्टी दे दी गई है। डॉ. आनन्द गोयल के अनुसार मरीज को हार्ट प्राब्लम के साथ-साथ डायबिटीज, थायराईड एवं ब्लड क्लोटिंग जैसी बीमारियॉ भी साथ में थी। डॉ. गोयल के अनुसार यह आईवीसी फिल्टर लगाने की सुविधा पश्चिमी राजस्थान के बहुत कम अस्पताल पर उपलब्ध है। अब इस आपरेशन के लिए अहमदाबाद, दिल्ली अथवा मुम्बई जाने की आवश्यकता नहीं है। इस आपरेशन में डॉ. कौशल हरलालका, कार्डियोलोजिस्ट के साथ डॉ. नरेश मेवाड़ा, कैथलेब टेक्नीशियन रामअवतार, विरेन्द्र एवं सुरेश शामिल थे।
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