राशन की दुकानों में मिलने वाले गेहूं में घपले आने लगे सामने
- उत्तर निगम में एक राशन विक्रेता पर केस दर्ज
- राशन वितरण में 7 लाख का घपले का आरोप
- लूणी थाने में आ चुके प्रकरण सामने
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),राशन की दुकानों में मिलने वाले गेहूं में घपले आने लगे सामने। राशन प्रणाली में आमजन को उनके हिस्से का गेहूं समय पर नहीं मिल पा रहा है। राशन की दुकाने चलाने वाले कुछ दुकानदार घोटाले कर रहे हैं। कुछ दिनों पहले लूणी तहसील के कुछ दुकानदारों पर गेंहू गबन का आरोप लगा था। अब उत्तर नगर निगम में वार्ड नंबर 60 के एक राशन विक्रेता की कारगुजारी पोष मशीन में पता लगी है।
पोष मशीन से सात लाख का घोटाला उजागर हुआ है। इस बारे में डीएसओ के प्रवर्तन निरीक्षक राजकरण बारहठ की तरफ से महामंदिर थाने में रिपोर्ट दी गई है। गांधीपुरा स्थित एक राशन की दुकान के संचालक के खिलाफ गेहूं वितरण में धांधली करने पर आवश्यक वस्तु अधिनियम के तहत महामंदिर थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। घटना को लेकर जिला रसद कार्यालय जोधपुर के प्रवर्तन निरीक्षक राजकरण बारहठ ने जिला रसद अधिकारी के अभियोजन आदेश पर गांधीपुरा वार्ड 60 उत्तर स्थित उपभोक्ता सहकारी भंडार के संचालक के खिलाफ मामला दर्ज कराया है।
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रिपोर्ट के अनुसार 2022 में गांधीपुरा क्षेत्र के राशन कार्डधारकों को चार महीने से गेहूं नहीं मिलने की शिकायत सामने आई थी। इस पर तत्कालीन प्रवर्तन अधिकारी नीलकमल माथुर ने मामले की जांच की। इस जांच रिपोर्ट में गेहूं बांटने में गंभीर लापरवाही और अनियमितताएं उजागर हुई थीं। लाइसेंस सस्पेंड करने के बाद रद्द की कार्रवाई की गई थी। प्रवर्तन अधिकारी की रिपोर्ट में उपभोक्ता सहकारी भंडार (पोस कोड 20019) के खिलाफ राजस्थान खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक पदार्थ (वितरण का नियमन) के नियमों का उल्लंघन पाया गया। इस पर जिला रसद अधिकारी कार्यालय ने विभागीय प्रकरण दर्ज कर 29 मार्च 2022 को कारण बताओ नोटिस जारी किया।
इसी दिन एक आदेश जारी करते हुए उचित मूल्य दुकानदार का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से रद्द कर दिया गया था। 6.95 लाख की वसूली नहीं भरने पर कानूनी शिकंजा विभागीय जांच के बाद 12 जून 2025 को मामले में अंतिम निर्णय लिया गया,जिसमें उस दुकान का लाइसेंस स्थायी रूप से रद्द कर दिया गया। विभागीय आदेश में यह भी स्पष्ट किया गया कि गेहूं के कम वितरण और खाद्यान्न सामग्री के दुरुपयोग के कारण कुल 6 लाख 95 हजार 466 रुपए की वसूली योग्य राशि राजकोष में जमा कराई जाए।
बताया गया कि जिला रसद कार्यालय ने 21 जुलाई 2025 को दुकानदार को वसूली नोटिस जारी किया,लेकिन उसने यह राशि जमा नहीं करवाई।
महामंदिर पुलिस जांच में जुटी
बार-बार नोटिस के बावजूद राशि जमा नहीं होने पर जिला रसद अधिकारी (प्रथम) जोधपुर ने 13 फरवरी को आरोपी डीलर के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के आदेश जारी किए। महामंदिर थाने में अब रिपोर्ट दी गई है, जिस पर अग्रिम अनुसंधान जारी है।
लूणी में आ चुके कई मामले सामने
इससे पहले लूणी थाने में कुछ प्रकरण प्रवर्तन निरीक्षक की तरफ से दर्ज कराए जा चुके हैं। चार पांच प्रकरण कुछ दिनों पहले दर्ज कराए गए थे। जो अभी जांच में हैं।
