कनाडा में रिटेल स्टोर पर जॉब लगाने के नाम पर युवक से 4 लाख की ठगी
- शातिर ने दस्तावेज मंगवाने के बाद अपनाई टालमटोल नीति
- दस्तावेजों के दुरूपयोग के नाम पर धमकी
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),कनाडा में रिटेल स्टोर पर जॉब लगाने के नाम पर युवक से 4 लाख की ठगी।शहर के खांडा फलसा स्थित भीमजी का मोहल्ला क्षेत्र में रहने वाले एक युवक को दिल्ली के शातिर ठग ने कनाडा में नौकरी लगवाने का झांसा देकर चार लाख की ठगी कर ली। पीडि़त ने कोर्ट में इस्तगासे के माध्यम से अब नामजद आरोपी के खिलाफ खांडाफलसा थाने में रिपोर्ट दी है।
खांडा फलसा पुलिस ने बताया कि इस बारे में मेड़तिया वालों की हवेली भीमजी का मोहल्ला निवासी कमल पुरोहित पुत्र प्रकाशचन्द्र पुरोहित की तरफ से मामला दर्ज कराया गया है। इसके अनुसार वह शिक्षित है और विदेश में नौकरी का इच्छुक भी है। इसके लिए वह ऑनलाइन वेबसाइट पर विदेश जाने के बारे में जानकारी जुटाता रहता है साथ ही आवेदन भी करता है। फरवरी 2023 में उसका सम्पर्क दिल्ली स्थित प्रीतमपुरा निवासी कुणाल कें त से हुआ था। जोकि अपनी फर्म स्वैप इमीरगेशन के जरिये भारत में कई लोगो को उनकी शिक्षा,कार्य अनुभव के आधार पर विभिन्न देशों मे अच्छी एवं प्रतिष्ठित कम्पनियों,स्टोर एवं रजिस्टर्ड फर्म में जॉब के लिए वर्क बीजा दिलाने का अपना अनुभव साझा किया और अपने बारे में कई बातें की।
पुलिस थानों में स्वागत कक्ष व हेल्प डेस्क की पहल
आरोपी कुणाल केन्त ने परिवादी की शिक्षा एवं कार्य अनुभव के बारे में उससे आवश्यक जानकारीयां लेकर आश्वस्त किया कि वह शीघ्रताशीघ्र परिवादी विदेश में जॉब के लिए वर्क वीजा दिला देगा जिसके लिए अभियुक्त कुणाल केन्त ने परिवादी द्वारा सभी आहरित औपचारिकताएं पूरी करने एवं दस्तावेज उपलब्ध करवाने पर पूरे काम का करीबन 4-5 लाख रूपये के आसपास खर्चा बताया। बाद में परिवादी कमल पुरोहित को कनाडा मे रिटेल स्टोर पर जॉब के लिए वर्क वीजा दिलाने की बात की और इस काम के लिए 2 लाख रूपए एडवांस लिए गए। विश्वास में आकर यह रूपए दिए गए। समय समय पर कमल अपने दस्तावेज भी कुणाल केंत के पास भेजता रहा।
अभियुक्त कुणाल वर्क वीजा प्रोसेस चलने के बारे में बताता और जल्द ही वर्क बीजा मिल जाने के लिए परिवादी को आश्वस्त करता रहा।उसे कनाडा की एक कंपनी में इन्वेस्टमेंट्स एलटीडी,मारखम, ओंटारियो के जरिये जॉब के लिए वेकेन्सी होना बताया और उस काम के लिये अच्छा वेतन एवं अन्य सुविधाएं मिलने की बात की जिससे सम्बन्धित कम्पनी के लेटर हेड एवं अन्य जानकारीयां परिवादी की ईमेल आईडी व वाटसअप नम्बर पर साझा की और जल्द से जल्द काम कराने के लिए भरोसे मे लेकर परिवादी से 2 लाख की रकम ओर ट्रांसफर करने की बात करने लगा।
बाद में फिर से 6 मार्च 24 को दो लाख रुपए और दिए गए। वर्क वीजा के लिए कुल 4 लाख रुपए की रकम ट्रांसफर करने के कई दिन गुजर जाने पर जब परिवादी ने उक्त काम की अपडेट के बारे मे अभियुक्त कुणाल से पूछा तो अभियुक्त कुणाल एक व अन्य कारणों के चलते टालमटोल करने लगा।
28 अगस्त 2025 को जब परिवादी ने कुणाल से सम्पर्क कर उक्त काम की अपडेट मांगी तो अभियुक्त कुणाल कहने लगा कि कनाडा में जिस जॉब के लिए वर्क वीजा दिलाने वाला था उस जॉब का वर्क वीजा नहीं मिल पा रहा है। किसी दूसरी अच्छी जॉब के लिए जल्द से जल्द वर्क वीजा दिला दूंगा। काफी टालमटोल के बाद रूपयों की वापिस मांग की गई तो कुणाल केंत ने कनाडा सॉलीसिटर से 15 दिनो में परिवादी का कमीशन क्रेडिट होते हुए परिवादी को कहा कि मैं तुम्हे तुम्हारा पैसा तुम्हारे खाते मे वापस भेज दूंगा। मगर आरोपी हर बार टालमटोल जवाब देता रहा और कानूनी कार्रवाई का कहने पर वह दस्तावेजों का दुरूपयोग के लिए भी धमकाने लगा।
आरोपी कुणाल धमकाने लगा कि तुम्हारे व्यक्तिगत, शैक्षिक एवं पहचान के दस्तावेजों को मैं अपने फायदे के लिये इस्तेमाल करूंगा और उन सभी दस्तावेजात् का मनमाने तरीके से दुरूपयोग करूंगा।
