आधुनिक संकेत एवं कवच प्रणाली से रेल सुरक्षा होगी और सुदृढ़- श्रीवास्तव
- भारतीय रेल संकेत अभियांत्रिकी एवं दूरसंचार संस्थान के महानिदेशक का जोधपुर दौरा
- त्रुटिरहित संकेत व्यवस्था,उच्च क्षमता संचार तंत्र एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित निगरानी पर बल
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),आधुनिक संकेत एवं कवच प्रणाली से रेल सुरक्षा होगी और सुदृढ़-श्रीवास्तव।भारतीय रेल संकेत अभियांत्रिकी एवं दूरसंचार संस्थान (आईआरआईएसईटी) के महानिदेशक शरद कुमार श्रीवास्तव ने कहा कि भारतीय रेल में संरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा इसे और अधिक सुदृढ़ बनाने के लिए आधुनिक संकेत एवं दूरसंचार प्रणालियों का तीव्र गति से विस्तार किया जा रहा है।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल पर शुक्रवार को आयोजित वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक में उन्होंने कहा कि स्वचालित ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’ रेल संचालन में मानवीय त्रुटियों को न्यूनतम करने की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण तकनीकी उपलब्धि है। यह प्रणाली रेडियो संचार,आरएफआईडी आधारित स्थिति पहचान तथा वास्तविक समय ब्रेक नियंत्रण के माध्यम से ‘सिग्नल पासिंग एट डेंजर’ (स्पाड) जैसी घटनाओं की रोकथाम में प्रभावी सिद्ध हो रही है।
महानिदेशक ने बताया कि भारतीय रेल में इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, बहुखंडी डिजिटल एक्सल काउंटर, केंद्रीकृत यातायात नियंत्रण तथा एकीकृत विद्युत आपूर्ति प्रणालियों के उपयोग से रेल परिचालन की विश्वसनीयता एवं संरक्षा में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।
उन्होंने कहा कि एलटीई आधारित रेल संचार नेटवर्क,ऑप्टिकल फाइबर संचार तंत्र तथा आईपी आधारित डेटा नेटवर्क भविष्य की डिजिटल रेलवे व्यवस्था की आधारशिला हैं। इसके अतिरिक्त कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित पूर्वानुमानित अनुरक्षण,उपकरणों की दशा निगरानी तथा डेटा विश्लेषण तकनीकों के माध्यम से संकेत उपकरणों की वास्तविक समय में सतत निगरानी की जा रही है,जिससे संभावित खराबियों का पूर्व आकलन संभव हो पा रहा है।
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उन्होंने बल देते हुए कहा कि सुरक्षित रेल संचालन केवल तकनीकी उन्नयन से ही नहीं,बल्कि बहुस्तरीय संरक्षा तंत्र, प्रणालीगत विश्वसनीयता तथा निरंतर निगरानी से सुनिश्चित होता है। इसके लिए संकेत एवं दूरसंचार विभाग के कर्मचारियों का नियमित तकनीकी प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।
इस अवसर पर मंडल की विभिन्न शाखाओं के वरिष्ठ अधिकारियों ने भाग लेकर संरक्षा से संबंधित विषयों पर विचार-विमर्श किया तथा तकनीकी शंकाओं का समाधान प्राप्त किया। प्रारंभ में अपर मंडल रेल प्रबंधक करनी राम ने महानिदेशक का साफा एवं वेलकम प्लांट भेंट कर मंडल की ओर से अभिनंदन किया।
रेलवे का टेक ट्रेनिंग हब,’कवच’ से एआई तक सिखाता है संस्थान
सिकंदराबाद में 1957 में स्थापित आईआरआईएसईटी भारतीय रेल का प्रमुख सिग्नल एवं दूरसंचार प्रशिक्षण संस्थान है। लल्लागुड़ा, सिकंदराबाद स्थित यह सेंटर ऑफ़ एक्सीलेंस रेलवे अधिकारियों को इलेक्ट्रॉनिक इंटरलॉकिंग, ऑप्टिकल फाइबर,स्वदेशी ट्रेन सुरक्षा प्रणाली ‘कवच’,साइबर सुरक्षा और एआई पर ट्रेनिंग देता है। यहां भारतीय व विदेशी रेलवे अधिकारियों को भी प्रशिक्षित किया जाता है।
