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जयपुर, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोरोना रोगियों के इलाज एवं जांच में निजी अस्पतालों, लैब और दवा दुकानदारों द्वारा निर्धारित दरों से अधिक पैसे वसूलने की घटनाओं पर तुरंत संज्ञान लेकर सख्त कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि सरकार कोरोना पीड़ितों के हितों के प्रति पूरी तरह संवेदनशील है।

इस संबंध में किसी भी शिकायत के सामने आने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने कोरोना से मृत्यु पर शव परिवहन एवं ससम्मान अंतिम संस्कार की निःशुल्क व्यवस्था की है,उसकी निचले स्तर तक पालना और माॅनिटरिंग में कोई कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। गहलोत प्रदेश में कोरोना संक्रमण की स्थिति की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में कोरोना की तीसरी संभावित लहर का सामना करने की प्रभावी रणनीति तैयार की जाए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चिकित्सा विशेषज्ञ थर्ड वेव में बच्चों के अधिक प्रभावित होने की आशंका व्यक्त कर रहे हैं। ऐसे में इसके प्रबंधन में हमें कोई कसर नहीं छोड़नी है। इसके लिए अन्य देशों एवं राज्यों द्वारा किए गए उपायों का भी अध्ययन करें।

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मुख्यमंत्री ने कहा कि बीते कुछ दिनों के दौरान देशभर में इस महामारी से हुई मौतों के विचलित करने वाले दृश्य सामने आए हैं। यह मानवता को झकझोरने वाली त्रासदी है, जिसका परिवारों की मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक स्थितियों पर गहरा प्रभाव पड़ा है। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रदेश में कोरोना से मृत्यु के मामलों की ऑडिट कराएं, ताकि कोविड और नाॅन कोविड मौतों की वास्तविकता का पता चले और कोविड पीड़ित परिवारों की सामाजिक सुरक्षा के संबंध में निर्णय लिया जा सके। उन्होने स्पष्ट किया कि राजस्थान में मौतों की संख्या छिपाने की परम्परा नहीं है।

हमें आंकड़ों की नहीं, प्रदेश वासियों के जीवन की चिंता है। हमारी सरकार पूरी पारदर्शिता के साथ समाज के सभी वर्गों के सहयोग से कोरोना के खिलाफ जंग लड़ रही है। गहलोत ने कहा कि प्रदेश की युवा आबादी के टीकाकरण के लिए वैक्सीन की उपलब्धता के लिए केंद्र सरकार के साथ समन्वय सहित सभी स्तर पर प्रयास करें ताकि वैक्सीनेशन का काम तेजी से आगे बढ़े। उन्होंने कहा कि सम्पूर्ण टीकाकरण संक्रमण की तीसरी लहर से बचाव में मदद करेगा।

चिकित्सा मंत्री डाॅ. रघु शर्मा ने कहा कि तीसरी लहर से मुकाबले के लिए निचले स्तर पर शिशु गहन चिकित्सा इकाइयों (पीकू) को स्थापित करने तथा मेडिकल उपकरणों के भंडारण एवं रखरखाव के लिए वेयर हाउस की संख्या बढ़ाने की आवश्यकता पड़ेगी। उन्होंने कहा कि आॅक्सीजन प्लांटों की स्थापना और कंसनट्रेटर का वितरण योजनाबद्ध तरीके से किया जाएगा।

चिकित्सा मंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न राज्य ग्लोबल टेंडर के माध्यम से वैक्सीन की खरीद में व्यावहारिक बाधाओं का सामना कर रहे हैं। ऐसे में बेहतर होगा कि केंद्र सरकार वैक्सीन की एकीकृत खरीद कर राज्यों को उपलब्ध कराए। मुख्य सचिव निरंजन आर्य ने बताया कि प्रदेश में आॅक्सीजन की पर्याप्त मात्रा में उपलब्धता है। जामनगर एवं भिवाड़ी से आॅक्सीजन का नियमित उठाव जारी है।

केंद्र सरकार ने डीआरडीओ के माध्यम से दूसरे चरण में प्रदेश में 9 नए आॅक्सीजन प्लांट स्वीकृत किए हैं। राज्य में डीआरडीओ की ओर से लगाए जाने के लिए स्वीकृत प्लांटों की संख्या अब 25 हो गई है। शासन सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य सिद्धार्थ महाजन ने बताया कि प्रदेश में एक्टिव केसेज की संख्या 90 हजार से नीचे आ गई है। रिकवरी रेट बढ़कर 89 प्रतिशत हो गई है। केस डबलिंग टाइम भी 82 दिन हो गया है। राज्य में 10 हजार से अधिक आॅक्सीजन कंसनट्रेटर प्राप्त हुए हैं, जिनका वितरण जिलों में किया जा रहा है।

तीसरी लहर की तैयारी के क्रम में आगामी दिनों में पंचायत स्तर पर 2, पीएचसी स्तर पर 7 तथा सीएचसी स्तर पर 10 कंसनट्रेटर उपलब्ध कराने की योजना है। उन्होंने बताया कि 18 से 44 वर्ष आयु वर्ग के लिए प्रदेश को आवंटित लगभग 15 लाख वैक्सीन डोज लगा दी गई हैं।

आरयूएचएस के कुलपति डाॅ. राजाबाबू पंवार तथा एसएमएस काॅलेज के प्राचार्य डाॅ. सुधीर भंडारी ने बताया कि ब्लैक फंगस महामारी के उपचार तथा बचाव के लिए एसएमएस मेडिकल काॅलेज में गठित राज्य स्तरीय बोर्ड द्वारा प्रदेशभर के 470 चिकित्सकों का वीडियो काॅन्फ्रेंस के माध्यम से आॅरियंटेशन किया गया है।

इसी प्रकार, बच्चों के लिए कोविड उपचार के प्रोटोकाॅल के बारे में भी शिशु रोग तथा अन्य विशेषज्ञ चिकित्सकों के माध्यम से पीएचसी स्तर के चिकित्सा अधिकारियों को प्रशिक्षित करने की योजना बनाई गई है। उन्होंने बताया कि जयपुर में जेके लोन अस्पताल के साथ-साथ गणगौरी बाजार तथा सेठी काॅलोनी स्थित राजकीय चिकित्सालयों में बच्चों के लिए कोविड डेडिकेटिड अस्पताल के रूप में सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।
पुलिस महानिदेशक एमएल लाठर, प्रमुख सचिव गृह अभय कुमार तथा प्रमुख शासन सचिव चिकित्सा अखिल अरोरा ने भी विचार व्यक्त किए। इस दौरान अन्य विभागों के वरिष्ठ अधिकारी भी उपस्थित थे।

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