नगर पालिका चुनाव को लेकर जिले में निषेधाज्ञा लागू
स्वतंत्र,निष्पक्ष एवं शांतिपूर्ण मतदान के लिए जिला कलेक्टर ने जारी किए आदेश
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),नगर पालिका चुनाव को लेकर जिले में निषेधाज्ञा लागू। कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट आलोक रंजन ने राज्य निर्वाचन आयोग जयपुर द्वारा घोषित कार्यक्रम अनुसार नगरपालिका आम चुनाव 2026 में पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र को छोडक़र जिले के समस्त नगरीय निकायों के आम चुनाव स्वतंत्र, निष्पक्ष एवं शांतिपूर्वक व भयमुक्त वातावरण में चुनाव सम्पन्न करवाए जाने के लिए भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता,2023 की धारा 163 के अन्तर्गत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए आदेश जारी किया है।
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आदेश के तहत पुलिस आयुक्तालय क्षेत्र को छोडक़र जिले की समस्त नगरीय निकाय सीमा में कोई भी व्यक्ति विस्फोटक पदार्थ,आग्नेयशस्त्र- जैसे रिवॉल्वर,पिस्टल,एमएल गन आदि व तेजधार वाले हथियार गण्डासा,फरसा, तलवार,भाला, लाठी,चाकू, कृपाण,बरछी,तीर-कमान आदि को लेकर सार्वजनिक स्थानों, सभाओं,जुलूस व वाहनों आदि में लेकर नहीं घूमेगा न ही इसका प्रदर्शन करेंगे।
इस दौरान कोई भी व्यक्ति किसी प्रकार की विस्फोटक सामग्री या अत्यन्त ज्वलनशील विस्फोटक पदार्थ एवं घातक रासायनिक पदार्थ लेकर नहीं चलेगा तथा पुलिस आयुक्तालय क्षेत्राधिकार को छोडक़र जिले के बाहर का कोई व्यक्ति नगरपालिका क्षेत्र में उपरोक्त किस्म के हथियार को अपने साथ नहीं लायेगा,न ही सार्वजनिक स्थानों पर प्रयोग एवं प्रदर्शन कर सकेगा।
यह आदेश सीमा सुरक्षा बल, चुनाव डयूटी में तैनात अर्ध सैनिक बल, राजस्थान सशस्त्र पुलिस बल, राजस्थान सिविल पुलिस,होम गार्ड एवं उप राज्य एवं केन्द्रीय कर्मचारियों तथा मतदान दलों में तैनात कर्मचारियों पर लागू,नहीं होगा जो कानून व्यवस्था के लिये अपना कर्तव्य निर्वाह कर रहे हों।
सिख समुदाय के व्यक्तियों को धार्मिक परम्परा के अनुसार विषयान्तर्गत निर्धारित कृपाण रखने की छूट होगी। दोयम वे व्यक्ति जो नि:शक्तजन या अति वृद्ध है,जो बिना लाठी के सहारे नहीं चल सकते हैं,लाठी का प्रयोग सहारा लेने हेतु कर सकेंगे।
आदेशानुसार कोई भी व्यक्ति साम्प्रदायिक सद्भावना को ठेस पहुंचाने वाले उत्तेजनात्मक नारे नहीं लगायेगा,न ऐसे पेम्पलेट छपवाएगा और न ही वितरण करेगा तथा न ही ऐसे ऑडियो- विडियों कैसेट के माध्यम से ऐसा कोई भाषण या उद्बोधन देगा एवं प्रचार-प्रसार करेगा अथवा करवाएंगे। ऐसे कृत्यों के लिये न ही किसी को दुष्प्रेरित करेगा।
कोई भी व्यक्ति या संस्था इन्टरनेट तथा सोशल मीडिया आदि के माध्यम किसी प्रकार का धार्मिक उन्माद,जातिगत द्वेष या दुष्प्रचार नहीं करेगा तथा राजनैतिक दलों तथा अभ्यर्थियों द्वारा चुनाव प्रचार के लिए लगाये जाने वाले विज्ञापन पट्ट, होर्डिंग्स-बैनर्स,पोस्व्टर इत्यादि स्थानीय निकायों द्वारा इस प्रयोजनार्थ चिन्हित किये गय स्थानों पर ही प्रचार सामग्री निर्धारित शुल्क जमा कराने तथा अनुमति प्राप्त करने के उपरान्त लगाये जा सकेंगे।
आदेश के तहत सक्षम प्राधिकारी की पूर्वानुमति के बिना जुलूस,रैली, आमसभा एवं धरना आयोजन नहीं कर सकेगें। ऐसे आयोजन में ऐसा कोई कृत्य नहीं करेगा जिससे यातायात व्यवस्था,लोक व्यवस्था एवं जन शान्ति विक्षुब्ध हो।
यह प्रतिबन्ध बारात या शव यात्रा पर लागू नहीं होगा। साथ ही कोई भी व्यक्ति संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट की अनुमति के बिना ध्वनि प्रसारण यंत्रों का उपयोग नहीं कर सकेगा। विशेष परिस्थितियों में ध्वनि प्रसारण मंत्रों की अनुमति संबंधित उपखण्ड मजिस्ट्रेट द्वारा सुबह 6 से रात्रि 10 बजे तक दी जा सकेगी। इस आदेश की अवहेलना करने पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के अन्तर्गत दण्डनीय होगा। यह आदेश 20 अगस्त से तत्काल लागू होकर 15 सितंबर की मध्य रात्रि तक प्रभावशील होगा।
