JNVU थियेटर सेल में नाट्यशास्त्र पर चित्र प्रदर्शनी
भरत मुनि की कला दृष्टि को मिले नए रंग
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),JNVU थियेटर सेल में नाट्य शास्त्र पर चित्र प्रदर्शनी। जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय के थियेटर सेल में भरत मुनि के नाट्यशास्त्र पर चित्र प्रदर्शनी आयोजित हुई। महर्षि भरत मुनि ने ज्ञान,कला, दर्शन और संस्कृति की विराट परंपरा का साक्षात्कार कर पंचमवेद के रूप में विश्व को नाट्यशास्त्र दिया। इसमें जीवन, समाज,भाव,रस,आचरण और मानवीय चेतना का अद्भुत समन्वय है। थियेटर सेल ने उनकी कला दृष्टि को चित्रों में उकेरकर प्रदर्शित किया।
आयोजकों ने कहा कि पाश्चात्य जगत ने भरत मुनि के नाट्य शास्त्र को वह स्थान नहीं दिया जिसके वे हकदार थे। आजादी के बाद देश की सांस्कृतिक विरासत की उपेक्षा हुई। वर्ग संघर्ष के नाम पर गांवों की रामलीलाएं और स्कूलों की बाल सभाएं बंद करा दी गईं। कला- संस्कार के विषयों से नई पीढ़ी को दूर रखा गया।
कुलगुरु प्रो.पवन कुमार शर्मा के नेतृत्व में थियेटर सेल के प्रो. हितेंद्र गोयल ने यह प्रदर्शनी लगाई। इसे नाट्यशास्त्र में स्थापित भारतीय संस्कृति, इतिहास,कला और दर्शन को युवाओं तक पहुंचाने की चुनौती के जवाब के तौर पर देखा गया। प्रदर्शनी से रंगकर्मियों को जानकारी मिली कि नाट्य कला के जनक भरत मुनि हैं।
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संस्कृत भारती और संस्कार भारती जोधपुर प्रांत के तत्वावधान में हुई प्रदर्शनी में प्रो.ऋतु जौहरी,प्रो.केए गोयल, डॉ.महेंद्र सिंह राजपुरोहित,डॉ. मांगू राम,डॉ.एसपी मीणा,डॉ. महेंद्र पुरोहित,लक्ष्मण सिंह गेहलोत,दिनेश गौड़,डॉ.हरी सिंह,अभिनेता बीएम व्यास, भानु पुरोहित,तनु सिंह राठौड़, धर्मवीर सोनी,गणपत शर्मा, सुधीर कुमार नाथ समेत थियेटर सेल के रंगकर्मी और विद्यार्थी मौजूद थे। सभी ने प्रयास को सफल बताया।
इस अवसर पर कुलगुरु प्रो. पवन कुमार शर्मा,संस्कार भारती जोधपुर प्रांत अध्यक्ष जितेंद्र जालौरी और संस्कृत भारती के महेशचंद्र दाधीच उपस्थित थे।
