जल जंगल गौ व पर्यावरण संरक्षण का जनभागीदारी से होगा स्थायी समाधान: शिक्षा मंत्री
- शिक्षा मंत्री ने किया श्रमदान
- परिंडे लगाए
- पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश
- वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 के तहत गौसंरक्षण
- पर्यावरण एवं जल संरक्षण गतिविधियों का आयोजन
जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जल जंगल गौ व पर्यावरण संरक्षण का जनभागीदारी से होगा स्थायी समाधान: शिक्षा मंत्री। वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान 2026 के अंतर्गत बुधवार को शिक्षा (विद्यालयी/संस्कृत) एवं पंचायती राज विभाग मंत्री मदन दिलावर ने मण्डोर स्थित ब्रह्मचारी राम कुमारजी पन्नालाल गौशाला पहुंचकर अभियान अंतर्गत आयोजित विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया।
इस दौरान उन्होंने वृक्षारोपण किया,पक्षियों के लिए परिण्डे लगाए तथा गौशाला में आयोजित पशु उपचार शिविर एवं बांझपन निवारण शिविर का अवलोकन कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली। शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने अपने संबोधन में कहा कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान केवल जल बचाने का कार्यक्रम नहीं,बल्कि प्रकृति, पर्यावरण एवं जीवन चक्र को सुरक्षित करने का व्यापक अभियान है।
उन्होंने कहा कि जल,जंगल, ऑक्सीजन,खाद्यान्न,वर्षा एवं भूजल सभी एक-दूसरे से जुड़े हुए विषय हैं तथा इनके संरक्षण के बिना सतत विकास संभव नहीं है। धरती के स्वास्थ्य को सुरक्षित रखने में गौमाता की विशेष भूमिका है,गौसंरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण एक-दूसरे के पूरक हैं।
दिलावर ने आमजन से प्लास्टिक एवं पॉलीथिन के न्यूनतम उपयोग का आह्वान करते हुए कहा कि पॉलीथिन का दुरुपयोग गौवंश के स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बनता जा रहा है। पॉलीथिन पशुओं के शरीर में पहुंचकर उन्हें नुकसान पहुंचाती है तथा इसका दुष्प्रभाव मिट्टी की गुणवत्ता एवं खाद्यान्न उत्पादन पर भी पड़ता है।
उन्होंने प्लास्टिक मुक्त वातावरण बनाने एवं जनजागरूकता बढ़ाने पर बल दिया। उन्होंने संबंधित विभागों एवं आमजन से अभियान के दौरान पॉलीथिन उन्मूलन,स्वच्छता एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों को व्यापक स्तर पर संचालित करने के निर्देश दिए।
कुंड, बावडिय़ों एवं टांकों के पुनर्जीवन पर दिया जोर
दिलावर ने कहा कि पश्चिम राजस्थान के लोग जल के महत्व को भली-भांति जानते हैं। उन्होंने जल संरक्षण अभियान के तहत पारंपरिक जल संरचनाओं कुंड,बावडिय़ों,टांकों एवं अन्य जल स्रोतों के पुनर्जीवन का आह्वान करते हुए कहा कि वर्षा जल के अधिकतम संग्रहण एवं संरक्षण के लिए इन संरचनाओं को पुन: सक्रिय करना आवश्यक है।
उन्होंने कहा कि अधिक से अधिक वृक्षारोपण से ऑक्सीजन उत्पादन बढ़ेगा, पर्यावरण संतुलन मजबूत होगा तथा वर्षा एवं भूजल संरक्षण में भी सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। उन्होंने आमजन को जल एवं जंगलों के संरक्षण का संकल्प भी दिलाया।
इस अवसर पर जिला कलेक्टर आलोक रंजन,सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी,जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी आशीष कुमार मिश्रा, उपखण्ड अधिकारी(उत्तर) प्रीतम कुमार,नरपत चोपड़ा, पशुपालन विभाग के संयुक्त निदेशक संजय कृष्ण व्यास सहित जन प्रतिनिधि,अधिकारी एवं बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित थे।
