राष्ट्रीय लोक अदालत में 3 लाख 71 हजार से अधिक प्रकरण निस्तारित

  • 42 करोड़ से ज्यादा के अवार्ड
  • हाईकोर्ट में 205 प्रकरणों का निस्तारण
  • मुख्य न्यायाधीश ने लिया जायजा

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),राष्ट्रीय लोक अदालत में 3 लाख 71 हजार से अधिक प्रकरण निस्तारित। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण नई दिल्ली के निर्देश पर शनिवार को जोधपुर में राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन हुआ। जोधपुर महानगर,जिला और राजस्थान उच्च न्यायालय में हजारों प्रकरणों का राजीनामे से निस्तारण किया गया।

मुख्य न्यायाधीश संजय के.अग्रवाल ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलित कर लोक अदालत का शुभारंभ किया और बाद में महानगर की बेंचों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने पक्षकारों से संवाद कर समझौते के लिए प्रेरित किया।

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हाईकोर्ट में 205 प्रकरण निस्तारित
उच्च न्यायालय में 4 बेंचों में 1543 प्रकरण रखे गए, जिनमें से 205 का निस्तारण कर 7,04,25,860 रुपये के अवार्ड पारित किए गए।

महानगर में 3.71 लाख प्रकरणों का निस्तारण:- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव राकेश रामावत ने बताया कि महानगर में लंबित 48,312 और प्री- लिटिगेशन के 3,55,707 सहित कुल 4,04,019 प्रकरण रखे गए। इनमें से 3,71,103 प्रकरण निस्तारित हुए और कुल 42,29,62,457 रुपये के अवार्ड पारित किए गए। इसमें चेक अनादरण के 1560 और 10 साल से पुराने 99 प्रकरण भी शामिल हैं। बेंच संख्या 8 में पारिवारिक विवाद के 4 प्रकरणों में पति-पत्नी के बीच समझौता करवाया गया।

जिला न्यायक्षेत्र में 12 बेंचों का गठन
जिला एवं सेशन न्यायाधीश शिवानी सिंह के निर्देशन में जिला मुख्यालय पर 3 और तालुकाओं सहित कुल 12 बेंचें बनाई गईं। जिला मुख्यालय पर सिंह, सचिव डॉ.मनीष हरजाई और सीजेएम महेंद्र टॉक की अध्यक्षता में बेंचें लगीं।

सचिव डॉ.हरजाई ने बताया कि लोक अदालत में राजीनामे की अपील नहीं होती और यह सिविल कोर्ट के आदेश की तरह मान्य होता है।