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हमारे जवानों को कोई हल्के में नहीं ले सकता,ड्रोन प्रतिरोधी तकनीक को इजाद किया जा रहा-शाह

जोधपुर, केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि हमारे जवानों को कोई हल्के में नहीं सकता है। हमने हर तरह से जवाबी कार्रवाई की है चाहे वो सीमा पर अतिक्रमण का प्रयास हो या फिर पुलवामा का हमला। हमारे जवानों ने हर बात का जवाबी उत्तर दिया है। वे आज जैसलमेर दौरे के दूसरे दिन बीएसएफ के 57वें स्थापना दिवस पर जवानों को संबोधित कर रहे थे। शाह ने कहा कि जहां-जहां सीमा पर अतिक्रमण करने का प्रयास हुआ। हमने तुरंत जवाबी कार्रवाई की है। हमारे जवान और सीमा को कोई हलके में नहीं ले सकता। जब उरी और पुलवामा में हमला हुआ तब एक मजबूत निर्णय लेते हुए एयरस्ट्राइक का निर्णय लिया।

हमारे जवानों को कोई हल्के में नहीं ले सकता,ड्रोन प्रतिरोधी तकनीक को इजाद किया जा रहा-शाह

ड्रोन प्रतिरोधी तकनीक को इजाद किया जा रहा

गृहमंत्री शाह ने कहा कि ड्रोन प्रतिरोधी तकनीक को इजाद किया जा रहा है। इस पर काम जारी है। दुनिया की सबसे उच्च तकनीक बीएसएफ को दी जाएगी। उनके साथ बांग्लादेश बॉर्डर गार्ड के चीफ मेजर जनरल शफीनुल इस्लाम भी इस कार्यक्रम में मौजूद थे। कार्यक्रम में बीएसएफ 13 फ्रंटियर के जवान हिस्सा ले रहे हैं।

वाहन परेड का निरीक्षण

जैसलमेर यात्रा के दूसरे दिन शाह रविवार को पूनम सिंह स्टेडियम पहुंचे। ग्राउंड में अमित शाह ने सबसे पहले वाहन में परेड का निरीक्षण किया और परेड की सलामी ली। यहां शाह ने अपने संबोधन में कहा कि आज 57वां स्थापना दिन। जो परंपरा के अनुरूप परेड का दिन। पहली बार सीमा के जिले में स्थापना दिन मनाने का मोदी सरकार ने निर्णय लिया। यह परंपरा हमेशा के लिए जारी रहनी चहिए। सीमा सुरक्षा के लिए जवानों को अपना लक्ष्य तय करना चाहिए।

हमारे जवानों को कोई हल्के में नहीं ले सकता,ड्रोन प्रतिरोधी तकनीक को इजाद किया जा रहा-शाह

बीएसएफ आगे है, 35 हजार से ज्यादा जवानों का बलिदान

शाह ने कहा कि 35 हजार से ज्यादा जवानों ने अलग-अलग जगह पर बलिदान दिए हैं। इसमें बीएसएफ सबसे आगे हैं। इसलिए सभी की तरफ से श्रद्धांजलि देता हूं। सीमा सुरक्षा बल का गौरव पूर्ण इतिहास है। आज दुनियां की सबसे बड़ी सीमाओं की सुरक्षा करने वाली हमारी बीएस एफ है। फिर चाहे वो राजस्थान हो या गुजरात, नदियां हो या रेगिस्तान। सेना और सीमा सुरक्षा बल ने लौंगेवाला में एक पूरी टैंक की बटालियन को खदेड़ दिया था, जो आज भी ट्रेनिंग सेंटरों में सिखाया जाता है।

साहसिक कारनामों का जीवंत प्रदर्शन

इस कार्यक्रम में पुरुष-महिला जवानों ने पैदल मार्च को निकाला। उसके बाद डॉग स्क्वायड, हॉर्स स्क्वायड, कैमल स्क्वायड परेड में शामिल हुई। आर्टिलरी रेजिमेंट, एयरविंग व देश का आठवां अजूबा कही जाने वाली कैमल माउंटेन बैंड भी आयोजन में शामिल हुई।

जवानों का हुआ सम्मान

कार्यक्रम में डॉग-शो, अस्त्र-शस्त्र हैंडलिंग प्रदर्शन, पैरा एडवेंचर प्रदर्शन एवं सीमा भवानी (महिला) व जांबाज दल द्वारा मोटरसाइकिल के साथ भी प्रदर्शन किया। उसके बाद बीएसएफ दिवस के इस कार्यक्रम में सराहनीय सेवा देने वाले जवानों व उनके परिजनों को गृह मंत्री अमित शाह द्वारा सम्मानित किया गया।

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