जिले में 625 ग्राम पंचायतों में मनरेगा रोजगार उपलब्घ कराया गया

  • मनरेगा में जिले में वर्तमान में 62867 श्रमिक नियोजन
  • गत वर्ष 22052 श्रमिक नियोजन था
  • प्रत्येक राजस्व गांव में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कार्य स्वीकृत है
  • जिले में लक्ष्य के विरूद्ध 144.58 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित

जोधपुर, जिले में मनरेगा में वर्ष 2021-22 में 625 ग्राम पंचायतों में रोजगार उपलब्ध कराया गया है। वर्तमान में जिले में 62 हजार 867 श्रमिक नियोजन है। जिले में लक्ष्य के विरूद्ध 144.58 प्रतिशत उपलब्धि अर्जित की है।

गत वर्ष 22052 व इस वर्ष 62867 श्रमिक नियोजित

जिला कलक्टर इन्द्रजीत सिंह ने बताया कि गत वर्ष आज मंगलवार के दिन जिले में श्रमिक नियोजन 22 हजार 52 था इस वर्ष आज मंगलवार को 62 हजार 867 श्रमिक मनरेगा में नियोजित हैं।

प्रत्येक राजस्व गांव में कार्य स्वीकृत

जिला कलक्टर ने बताया कि जिले के प्रत्येक राजस्व ग्राम में रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सभी गांवों में कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में 2820 कार्य स्वीकृत किए गये व अब तक 12889 कार्य प्रगतिरत हैं। इन कार्यो पर श्रमिकों की रोजगार की मांग के अनुसार श्रमिक नियोजित किया जा रहा है।

जोधपुर जिला श्रमिक नियोजन में प्रदेश में चौथा जिला

जिला कलक्टर ने बताया कि वर्तमान में जोधपुर जिला श्रमिक नियोजन की संख्या में चौथे स्थान पर है। उन्होंने बताया कि जिले का वर्तमान में बाड़मेर,उदयपुर,जयपुर के बाद चौथा स्थान है।

लक्ष्य के विरूद्व 144.58 प्रतिशत उपलब्धि हासिल

जिला कलक्टर ने बताया कि जोधपुर जिले में वर्ष 2020-21 में अनुमोदित श्रम बजट 157.30 लाख मानव दिवस के विरूद्ध 227.60 लाख मानव दिवस सृजित किया है। वित्तीय वर्ष 2021-22 में सितम्बर 2021 तक लक्ष्य के विरूद्व 94 प्रतिशत प्रगति अर्जित की है। जिले में वित्तीय वर्ष 2021-22 में श्रम भुगतान में 98.78 प्रतिशत भुगतान आठ दिवस में व 99.99 प्रतिशत भुगतान 15 दिवस के अंदर ही कर दिया गया है। प्रारंभ किए गए कार्यो में से 87.2 प्रतिशत कार्य पूर्ण कर लिए गए हैं। 99.77 प्रतिशत पूर्ण कार्यो की जियो टैगिंग की जा चुकी है।

यह प्रमुख कार्य स्वीकृत किए

मुख्य कार्यकारी अधिकारी जिला परिषद डॉ इन्द्रजीत यादव ने बताया कि जिले में 431 खेल मैदान कार्य, 474 श्मशान विकास, 650 मॅाडल तालाब, 414 चारागाह विकास कार्य स्वीकृत किए गए हैं। उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2021-22 में 1.40 लाख वृक्षारोपण के कार्य स्वीकृत किए गए जिनमें 1.20 लाख पौधे लगा दिए गए है। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 629 ग्राम पंचायतों में से 625 ग्राम पंचायतों में रोजगार उपलब्ध करवाया गया है।

शून्य रोजगार वाली चार ग्राम पंचायतों में से पंचायत समिति भोपालगढ की 2 ग्राम पंचायत, नगर पालिका घोषित होने के कारण रोजगार नहीं दिया गया व पंचायत समिति लूणी की एक ग्राम पंचायत कूड़ी व पंचायत समिति मण्डोर की एक ग्राम पंचायत नांदड़ी शहरी क्षेत्र के होने के कारण श्रमिक नियोजन नहीं हुआ है। उन्होंने बताया कि 26 अक्टूबर को जिले में एमआई एस रिपोर्ट के अनुसार 59 ग्राम पंचायतों में शून्य श्रमिक नियोजन प्रदर्शित हो रहा है, इन 54 ग्राम पंचायतों में से 11 ग्राम पंचायतों में श्रमिक नियोजित है जो नव सृजित ग्राम पंचायत होने के कारण एमआई एस रिपोर्ट में इन ग्राम पंचायतों से संबंधित श्रमिक नियोजन, मूल ग्राम पंचायतों में प्रदर्शित हो रहा है। शेष 43 ग्राम पंचायतों में मस्टरोल जारी कर दिए गए हैं जो अपने पखवाड़े तिथी के अनुसार आगामी 3-4 दिवस में एम आई एस रिपोर्ट में प्रदर्शित हो जायेगा।

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