कर्बला के शहीदों को किया याद,अकीदत से मनाया मोहर्रम

मुस्लिम बहुल क्षेत्रों में नजर आया हुसैनी रंग -शीरीनी चढ़ाई,हलीम बांटा,करतब दिखाए

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),कर्बला के शहीदों को किया याद,अकीदत से मनाया मोहर्रम। पैगम्बर हजरत मोहम्मद के नवासे हजरत इमाम हसन-हुसैन सहित कर्बला के शहीदों की याद में शुक्रवार को शहर में मोहर्रम अकीदत से मनाया गया। इस अवसर पर शहर के कई स्थानों पर आस्था के प्रतीक ताजिये खड़े किए गए जिन्हें रात को उतारा गया। इन ताजियों के आसपास आज दिनभर मेले जैसा माहौल बना रहा।

ताजियों पर अकीदत के फूल पेश करने के लिए मुस्लिम समाज के लोग उमड़ पड़े। यहां शीरीनी चढ़ाई गई और छबील लगाकर शरबत पिलाया गया। साथ ही हलीम बनाकर बांटा गया।

मोहर्रम एकता कमेटी के अध्यक्ष उस्ताद हाजी हमीम बक्ष ने बताया कि मोती चौक,लखारा बाजार, उम्मेद चौक,गोलनाडी, गुलजारपुरा,खांडा फलसा, नियारियों का मोहल्ला, इस्हाकिया स्कूल,शाहों का बास,मसूरिया,खेतानाडी और सूरसागर कबीर नगर आदि क्षेत्रों में करीब 27 ताजिए खड़े किए गए।

आरएसएस का विरोध करना कांग्रेस के डीएनए में: गहलोत

मुस्लिम बाहुल्य इलाकों में शहादत ए शहीदे इमाम हुसैन की याद मे मस्जिदों मे तकरीरों का आयोजन के साथ हजरते इमाम हुसैन की याद में दलीम,शर्बत, खीर,दलिया चावल व अन्य सामग्री बनाकर लोगों में तकशीम कर बांटी गई। देर रात मोहर्रम अपने-अपने स्थान से उतार लिए गए और उनको अपने मुकाम पर रख दिया।

उन्होंने बताया कि आज सवेरे से ही ताजियों के सामने मन्नत मांगने का सिलसिला शुरू हो गया। छोटे बच्चों को नजर नहीं लगे इसके लिए ताजियों के नीचे से निकालकर उनकी बीमारियों को दूर करने, लम्बी उम्र व खुशहाली की दुआ मांगी गई। इस मौके पर कौमी एकता,भाईचारा और सद्भाव भी नजर आया। मुसलमानों के साथ ही गैर मुस्लिमों ने भी अच्छी सेहत और दीर्घायु के लिए अपने बच्चों को ताजिये के नीचे से निकालने की परंपरा कायम रखी।

ताजिये के पास लाइसेंस धारी अखाड़े के उस्तादों की सरपरस्ती में करतब दिखाए गए। युवाओं की ओर से कर्बला के शहीदों के नारे अली का लश्कर था इमाम या हुसैन,नाका ए तकबीर अल्लाह हो अकबर लगा कर माहौल में जोश भरने के साथ गमगीन बनाया गया।

राहगीरों व आमजन को पिलाई छबील
मुस्लिम मोहल्लों में ताजियों पर आज अकीदत के फूल पेश करने वालों का तांता लगा रहा। इन इलाकों में छबील की व्यवस्था की गई। इसके साथ ही हलीम बनाया गया जो सात अन्न से तैयार किया जाता है। शहीदें कर्बला के तमाम शहीदों की याद मे चांद की 9 व 10 तारीख को रोजा रख कर उन्हें याद किया जाता है। उनके हक मे दुआएं ए मगफिरत की जाती है।

जगह-जगह लंगर ए हुसैनी में हलीम,दलिया चावल,खीर,शर्बत तकसीम किया जाता है।
जोधपुर में ताजियों का जुलूस नहीं निकलता। यहां ताजिये एक ही स्थान पर खड़े रहते हैं और फिर उन्हें कर्बला में दफना दिया जाता है।

Related posts: