अन्याय बर्दाश्त नहीं-पूर्व विधायक महेन्द्र विश्नोई
पानी मांगने पर FIR मामला
जोधपुर/धुन्धाड़ा/लूणी (दूरदृष्टीन्यूज),पेयजल संकट झेल रहे धुन्धाड़ा गांव में मटकी फोड़ प्रदर्शन करने पर 6 ग्रामीणों के खिलाफ FIR दर्ज होने को पूर्व विधायक महेन्द्रसिंह विश्नोई ने शर्मनाक बताया। गुरुवार को गांव पहुंचे विश्नोई ने घर-घर जाकर हालात का जायजा लिया।
ग्रामीणों से मुलाकात के बाद पूर्व विधायक ने कहा कि पानी मांगना गुनाह हो गया क्या? मैं आपके साथ हूं,डरने की कोई जरूरत नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि जलदाय विभाग कागजों में पर्याप्त आपूर्ति का दावा कर रहा है,जबकि हकीकत में ज्यादातर घरों के टांके खाली हैं। महिलाएं और बुजुर्ग एक-एक बूंद के लिए परेशान हैं।
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ग्रामीणों का कहना है कि कैबिनेट मंत्री जोगाराम पटेल को बताने के बावजूद 45 दिन में समाधान नहीं हुआ। मजबूर होकर 27 मई को प्रदर्शन किया तो राजकार्य में बाधा का मुकदमा दर्ज कर दिया गया।
महेन्द्रसिंह विश्नोई ने कहा कि सरकार और प्रशासन इस भीषण गर्मी में पेयजल प्रबंध में नाकाम रहे। नाकामी छिपाने के लिए तानाशाही रवैया अपनाया जा रहा है। मंत्री खुद धुन्धाड़ा के होने और कैबिनेट में होने के बावजूद लोगों को पानी नहीं दिला पाए।
उन्होंने मामले से पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत को अवगत कराया और जोधपुर कलेक्टर आलोक रंजन से फोन पर बात कर जांच की मांग की। साथ ही ग्रामीणों पर दर्ज मुकदमा तुरंत वापस लेने को कहा। चेतावनी दी कि मुकदमा वापस नहीं लिया तो धरना-प्रदर्शन करेंगे।
विश्नोई ने सवाल उठाया कि जब विभाग पर्याप्त आपूर्ति के दावे कर रहा है तो घर-घर में टांके खाली क्यों हैं? जनता सड़कों पर उतरने को मजबूर क्यों हुई? उन्होंने कहा कि पानी मांगना अपराध नहीं है और लोकतंत्र में जनता को अधिकार मांगने का हक है।
