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जोधपुर, राजस्थान महिला आयोग में गत दो वर्ष से अध्यक्ष और सदस्यों के पद खाली होने पर राजस्थान हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। स्वयंसेवी संस्थान उत्थान ने इस बारे में हाईकोर्ट में जनहित याचिका दायर कर सरकार को निर्देश देने का अनुरोध किया था। जिस पर प्रारम्भिक सुनवाई के बाद वरिष्ठ न्यायाधीश संगीत लोढ़ा व न्यायाधीश विनीत कुमार माथुर की खण्डपीठ ने 21 सितम्बर तक राज्य सरकार को जवाब पेश करने को कहा है।

याचिकाकर्ता उत्थान संस्थान के अध्यक्ष सरवर खान का प्रतिनिधित्व करते हुए अधिवक्ता रजाक के. हैदर ने कोर्ट को बताया कि, राजस्थान राज्य महिला आयोग अधिनियम, 1999 के तहत गठित राजस्थान राज्य महिला आयोग में धारा 3(2) की अनुपालना में एक अध्यक्ष और सदस्य सचिव सहित चार से अधिक सदस्य होते हैं, लेकिन आयोग में अध्यक्ष का कार्यकाल 2018 में समाप्त होने के बाद से नए अध्यक्ष की नियुक्ति नहीं की गई है। 2019 में तीन सदस्यों के कार्यकाल भी समाप्त हो गए हैं।

तब से अध्यक्ष और तीनों सदस्यों के पद रिक्त ही चल रहे हैं। जिससे आयोग का कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। जबकि वर्तमान में 5427 प्रकरण लम्बित हैं। महिला सम्बन्धी अपराधों में लगातार वृद्धि होने और राज्य महिला आयोग में महिलाओं की सुनवाई की व्यवस्था अस्थाई रूप से समाप्त होने से पीडि़त महिलाएं न्याय से वंचित हो रही हैं।

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने भी राज्य सरकार को राज्य महिला आयोग के रिक्त पद भरने के निर्देश दे रखे हैं, लेकिन सरकार महिला आयोग की लगातार उपेक्षा कर रही है। सुनवाई के बाद खण्डपीठ ने राज्य सरकार को नोटिस जारी करते हुए कहा कि आयोग में रिक्त पदों को भरने के सम्बन्ध में सरकार का पक्ष प्रस्तुत किया जाए। अतिरिक्त महाधिवक्ता अनिल कुमार गौड़ के सहयोगी सलमान आगा ने नोटिस स्वीकार करते हुए जवाब पेश करने की मोहलत मांगी। जिस पर कोर्ट ने सुनवाई 21 सितम्बर तक मुल्तवी कर दी।

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