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सरकार विद्युत श्रमिकों को दे ओल्ड पेंशन-जोशी

रेस्मा विद्युत निगमो व विद्युत उपभोक्ताओं के हित में नहीं

जोधपुर,प्रांतीय विद्युत मण्डल मजदूर फेडरेशन राजस्थान इंटक के प्रांतीय महामंत्री व संयुक्त व्यवस्था परिषद (जे एमसी) के सदस्य मण्डल दत्त जोशी ने वक्तव्य जारी कर नाराज़गी प्रकट करते हुए कहा कि राज्य सरकार को विद्युत कर्मचारियों की वाजिब माँगो को पूरा करना चाहिए था किंतु लगता हे ऊर्जा विभाग में भी प्रशासनिक अधिकारी भारी पड़ रहे हैं, जिससे राज्य सरकार की बदनामी हो रही है।

उन्होंने कहा कि ऊर्जा विभाग में कार्यरत राजस्थान के तमाम कर्मचारियों के साथ रेस्मा लगाकर सरकार द्वारा कुठाराघात की नीति अपनाई गई है, बिजली कर्मी के हक और अधिकारों को कुचलने का काम किया गया है।सरकार को समय रहते बिजली कर्मचारियों के संगठनों से वार्ता कर ज्वलंत मुद्दों का शीघ्र निस्तारण करना चाहिए। बिजलीघरों से लगभग 40 हजार कर्मचारी हर शहर, गांव,ढाणी के प्रत्येक घर की चौखट पर महीने में दो बार जरूर जाता है।

सरकार को विचार करना चाहिए यही कर्मचारी हैं जो गांव, मोहल्ले, ढाणी, सड़क,चौराहे पर सरकार की छोटी से छोटी और बड़ी से बड़ी नीति रीति के बारे में घर-घर पहुँच कर कार्य के साथ साथ बतियाता भी है।

सरकारी महकमों का निजीकरण देश हित में नही है

बिजली कर्मचारी सरकार से कुछ अलग नही मांग रहा है जो अन्य विभागों में दिया है वही मांग रहा है। राज्य के सभी विभागों में पुरानी पेंशन लागु की गई है,अधिकतर विभागों में पद नाम में परिवर्तन कर सम्मान जनक पदनाम दिया गया है, प्रत्येक विभागों में मृतक आश्रित को अनुकम्पा नियुक्ति में देरी से किये आवेदनों में शिथिलता दी गई है,इन्ही को बिजलीघर में लागु करने की कर्मचारी मांग कर रहा है।

सरकार को बिजलीघर के कर्मचारियों से इस प्रकार मुँह फेरने की बजाय फेडरेशन द्वारा दी गई वाजिब माँगो का निस्तारण करना चाहिये।फेडरेशन श्रमिक हित में राजस्थान के लोकप्रिय मुख्यमंत्री अशोक गहलोत व ऊर्जा मंत्री भँवर सिंह भाटी से माँग करता है कि रेस्मा को अविलम्ब हटा कर विद्युत श्रमिकों की वाजिब माँगो को पूरा करें।

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