जोधपुर में MRI की नई तकनीकों पर मंथन

  • देशभर के रेडियोलॉजिस्ट जुटे
  • ‘हेड टू टो’ डायग्नोसिस पर हुई चर्चा”
  • राष्ट्रीय CME में एक्सपर्ट्स ने साझा किए एडवांस ट्रेंड्स
  • SN मेडिकल कॉलेज में जुटी रेडियोलॉजी की बड़ी हस्तियां
  • हेड टू टो MRI पर राष्ट्रीय CME संपन्न
  • MRI डायग्नोसिस में आएगा नया दौर
  • बैक्टीरियल इंफेक्शन से कार्डियक MRI तक पर चर्चा

जोधपुर(दूरदृष्टीन्यूज),जोधपुर में MRI की नई तकनीकों पर मंथन। इंडियन रेडियोलॉजीकल एंड इमेजिंग एसोसिएशन (IRIA) राजस्थान चैप्टर और डॉ.एसएन मेडिकल कॉलेज के रेडियोडायग्नोसिस विभाग के संयुक्त तत्वावधान में रविवार को “हेड टू टो MRI अ कंप्लीट डायग्नोस्टिक जर्नी” विषय पर आउटरीच CME का सफल आयोजन हुआ। एसएन मेडिकल कॉलेज काउंसिल हॉल में हुए कार्यक्रम में राजस्थान सहित कई राज्यों के रेडियो लॉजिस्ट,रेजिडेंट डॉक्टर और चिकित्सा विशेषज्ञों ने भाग लिया।

दिल्ली-नोएडा के एक्सपर्ट्स ने साझा किए अनुभव
दिल्ली,नोएडा,जयपुर के प्रतिष्ठित संस्थानों से आए विशेषज्ञों ने आधुनिक MRI तकनीकों,एडवांस डायग्नोस्टिक प्रोटोकॉल्स और नवीनतम इमेजिंग ट्रेंड्स पर जानकारी दी। मुख्य अतिथि डॉ एसएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ.बीएस जोधा ने कहा कि तेजी से बदल रही MRI तकनीकों के अपडेट के लिए ऐसे CME जरूरी हैं। ये कार्यक्रम ज्ञान और अनुभव के आदान-प्रदान का साझा मंच देते हैं। उन्होंने सभी स्पीकर्स को मोमेंटो और प्रमाण-पत्र दिए।

आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस व नई उपचार पद्धतियों पर गहन चर्चा

इन अहम विषयों पर हुआ मंथन
CME में MRI इमेजिंग इन बैक्टीरियल इंफेक्शंस,होल बॉडी MRI,कार्डियक MRI, मेनिस्कल टियर्स और MRI इन पेल्विक डिजीज जैसे विषयों पर विशेषज्ञ व्याख्यान,इंटरएक्टिव केस डिस्कशन और क्विज सत्र हुए।

ये विशेषज्ञ थे शामिल
कार्यक्रम में डॉ.कीर्ति चतुर्वेदी, डॉ.रमबीर सिंह, डॉ.बिनीता सुरेखा,डॉ.ऋतु अग्रवाल,डॉ. खुशबू पिलानिया,डॉ.तरुण यादव,डॉ.भूपेंद्र सिंह,सिद्धि चावला,डॉ.राजेंद्र चौधरी, डॉ. प्रदीश श्योरान,डॉ.सुनील विश्नोई और डॉ.हेमा राम सहित कई विशेषज्ञ शामिल हुए।

युवा डॉक्टरों को मिला बड़ा मंच
आयोजन में IRIA राजस्थान के प्रेसिडेंट डॉ. शरद गुप्ता,सेक्रेटरी डॉ. कुशाल गहलोत,पैट्रन डॉ. आनंद गुप्ता,आउटरीच कॉर्डिनेटर डॉ.जय चौधरी, डॉ.रामबीर और रेडियो डायग्नोसिस विभागाध्यक्ष डॉ.कीर्ति चतुर्वेदी की अहम भूमिका रही।

आयोजकों ने बताया कि ऐसे आउटरीच कार्यक्रम रेडियोलॉजिस्ट्स के नॉलेज अपग्रेडेशन के साथ युवा चिकित्सकों को राष्ट्रीय स्तर के विशेषज्ञों से सीखने का मौका देते हैं,जिससे प्रदेश में आधुनिक रेडियोलॉजी सेवाएं और मजबूत होंगी।