पुरानी पेंशन बहाली की मांग, निजीकरण का विरोध

पुरानी पेंशन बहाली की मांग, निजीकरण का विरोध

  • हड़ताल से एक हजार करोड़ का व्यापार प्रभावित
  • बैंकों के एटीएम हो गए खाली
  • लोग परेशान हुए

जोधपुर, देश भर में केंद्रीय कर्मचारियों ने दो दिन तक हड़ताल रखी। आज हड़ताल के दूसरे दिन भी करोड़ों का कारोबार प्रभावित हुआ। एक हजार करोड़ का लेन देन प्रभावित हुआ है। शहर में बैंकों के एटीएम पर राशि कम पड़ गई और वे खाली हो गए। इससे रूपए के लिए लोगों को जूझते देखा गया। केंद्रीय कर्मचारियों ने सोमवार को दो दिवसीय हड़ताल की घोषणा कर रखी थी।

पुरानी पेंशन की बहाली और निजीकरण के विरोध मेें यह हड़ताल की गई। जोधपुर शहर में भी इस हड़ताल का दो दिन तक व्यापक असर देखने को मिला। इतना ही नहीं पश्चिमी राजस्थान में हड़ताल के असर से करोड़ों का कारोबार ठप पड़ गया। बैंकों से लेकर एलआईसी तक के कर्मचारी हड़ताल पर रहे। गुरूवार को भी संबंधित कार्यालयों के बाहर विरोध प्रदर्शन कर धरना दिया गया। पेट्रोलियम के बढ़ते दामों को लेकर भी रोष जाहिर किया गया। हड़ताल के समर्थन ने अन्य सरकारी कर्मचारी भी देखे गए।

अखिल भारतीय राज्य कर्मचारी संयुक्त महासंघ के आहृान पर पूरे देश में सोमवार से हड़लाल की गई। पुरानी पेंशन की बहाली, अनुबंध कर्मचारियों को पक्का करने एवं निजीकरण के विरोध में सरकार की कर्मचारी नीतियों का विरोध किया गया। राजस्थान शिक्षक संघ शेखावत के संभाग संयोजक भंवर काला ने जानकारी दी। संघ के जिलाध्यक्ष शंभू सिंह मेड़तिया के अनुसार इस हड़ताल के समर्थन में केंद्रीय कर्मचारियों के साथ खड़े रहे।

बैँकों और भारतीय जीवन बीमा निगम में कारोबार ठप होने से करोड़ों का लेनदेन प्रभावित हुआ है। हालांकि ऑनलाइन ट्रांजेक्शन चलता रहा। मगर कई ऐसे लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा जो ऑन लाइन लेन देन से दूर रहते हैं। पूरे पश्चिमी राजस्थान में हड़ताल के चलते कारोबार बुरी तरह प्रभावित हुआ है। बैंकों के एटीएम तक हाफने लग गए। लोगों को रूपए निकालने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी।

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