Covid vaccination should be without Aadhaar for Pakistan's displaced - Professor Ayyub

जोधपुर, राज्य सरकार ने पहले वरिष्ठ नागरिक, फिर 45 वर्ष और अब 18 वर्ष से अधिक आयुवर्ग का निर्धारण करके टीकाकरण की प्रक्रिया प्रारम्भ कर दी है परन्तु आधार कार्ड से वंचित पाक विस्थापित और जैन मुनि इत्यादि के टीकाकरण को भी इस अभियान में शामिल किए जाने की आवश्कता महसूस की जा रही है।

सूरसागर विधानसभा क्षेत्र के एक सघन क्षेत्र में बसे हुए पाक विस्थापित परिवारों के हर आयुवर्ग को लेकर समाजसेवी प्रोफेसर डाॅ. अय्यूब ख़ान ने मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और राज्य मानवाधिकार आयोग के अध्यक्ष जस्टिस गोपालकृष्ण व्यास को पत्र लिखकर मांग की है कि डालीबाई मन्दिर के पास स्थित अल कौसर पाक विस्थापित काॅलोनी में निवास कर रहे पाक विस्थापितों में कोरोना के लक्षण व्याप्त हो रहे हैं।

भविष्य में यह नागरिक सुपर स्प्रेडर साबित हो सकते हैं। चूंकि पाक विस्थापितों के पास इस समय आधार कार्ड नहीं है अतः स्वेच्छा से टीकाकरण हेतु पंजीकरण करवाकर टीका लगवा पाना इनके लिये असम्भव है। अतः इस क्षेत्र में विशेष शिविर लगाकर कोविड-19 के रक्षण हेतु टीकाकरण किया जाना आवश्यक प्रतीत हो रहा है।

प्रोफेसर अय्यूब ने बताया कि वर्तमान में 18 वर्ष आयुवर्ग तक के सामान्य युवाओं को टीकाकरण में सम्मिलित किए जाने के उपरान्त युवाओं में काफी उत्साह देखा जा रहा है। जैन समुदाय के मुनि और अन्य घुमक्कड़ व परित्यक्त व्यक्तियों के लिये भी टीकाकरण की योजना शीघ्र सामने आने से कोविड-19 की रोकथाम कर पाना सम्भव हो पाएगा।

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